Hindi Newsधर्म न्यूज़Kamika Ekadashi: The first Ekadashi fast of Sawan month this coincidence is increasing the importance of the day

Kamika Ekadashi: सावन मास का पहला एकादशी व्रत आज, ये दुर्लभ संयोग बढ़ा रहे दिन का महत्व, जानें शुभ मुहूर्त

Kamika Ekadashi 2023 Puja Vidhi and Shubh Sanyog: कामिका एकादशी के दिन शुभ संंयोग बनने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। जानें कामिका एकादशी के दिन बन रहे शुभ संयोग, पूजा विधि व पूजन टाइमिंग-

Saumya Tiwari लाइव हिन्दु्स्तान टीम, नई दिल्लीThu, 13 July 2023 06:49 AM
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Kamika Ekadashi 2023 Puja Vidhi: एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। सावन मास की एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कामिका एकादशी चातुर्मास में श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस बार कामिका एकादशी व्रत 13 जुलाई 2023, गुरुवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि कामिका एकादशी व्रत करने से भक्तों को बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त-

कामिका एकादशी का आरंभ 12 जुलाई को शाम 05 बजकर 59 मिनट से होगा और 13 जुलाई को शाम 06 बजकर 24 मिनट पर होगा। कामिका एकादशी व्रत पारण का समय 14 जुलाई को सुबह 05 बजकर 33 मिनट से सुबह 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

एकादशी के दिन बन रहे दुर्लभ संयोग-

एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी व्रत में भगवान श्रीहरि की विधिवत पूजा की जाती है। गुरुवार का दिन भी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस साल कामिका एकादशी 13 जुलाई 2023, गुरुवार को पड़ रही है। गुरुवार के दिन एकादशी व्रत होने के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। कामिका एकादशी के दिन कृत्तिका व रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है।

कामिका एकादशी पूजा- विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।
भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
भगवान की आरती करें। 
भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं। 
इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें। 
इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

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