DA Image
हिंदी न्यूज़ › धर्म › Kamika Ekadashi 2021: कामिनी एकादशी आज, इन 4 मुहूर्त में भूलकर भी न करें श्रीहरि की पूजा, जानिए व्रत नियम
पंचांग-पुराण

Kamika Ekadashi 2021: कामिनी एकादशी आज, इन 4 मुहूर्त में भूलकर भी न करें श्रीहरि की पूजा, जानिए व्रत नियम

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Saumya Tiwari
Wed, 04 Aug 2021 06:03 AM
Kamika Ekadashi 2021: कामिनी एकादशी आज, इन 4 मुहूर्त में भूलकर भी न करें श्रीहरि की पूजा, जानिए व्रत नियम

आज कामिका एकादशी है। कामिनी एकादशी सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ती है। इस साल यह तिथि 4 अगस्त, बुधवार को है। हर माह में दो बार एकादशी तिथि पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जानिए कामिनी एकादशी व्रत नियम व किस मुहूर्त में न करें पूजा-

आज के अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। 
यमगंड- सुबह 07 बजकर 30 म‍िनट से 09 बजे तक।
गुलिक काल- सुबह 10 बजकर 30 म‍िनट से 12 बजे तक।
 दुर्मुहूर्त काल- दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 म‍िनट तक।

एकादशी के दिन क्या करें और क्या नहीं-

संभव हो तो व्रत करें- एकादशी तिथि भगवान विष्णु को प्रिय होती है। इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु का आर्शीवाद प्राप्त होता है। अगर संभव हो तो इस पावन दिन व्रत रखें। 

माता लक्ष्मी की पूजा भी करें- एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना भी करनी चाहिए। मान्यता है कि माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

सात्विक भोजन करें- इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। एकादशी के दिन मांस- मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन पहले भगवान को भोग लगाएं, उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।

चावल का सेवन न करें- एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन चावल का सेवन करना अशुभ माना जाता है।

ब्रह्मचर्य का पालन करें- एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और किसी के प्रति अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 

दान- पुण्य करें- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। इस पावन दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान जरूर करें।

भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी अतिप्रिय होती है। इस पावन दिन भगवान विष्णु को तुलसी जरूर अर्पित करें।

संबंधित खबरें