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हिंदी न्यूज़ धर्मKaal Bhairava Ashtami 2021: कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनेगी काल भैरव जयंती, ज्योतिषाचार्य से जानिए डेट व जरूरी बातें

Kaal Bhairava Ashtami 2021: कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनेगी काल भैरव जयंती, ज्योतिषाचार्य से जानिए डेट व जरूरी बातें

संवाददाता,पटनाSaumya Tiwari
Fri, 26 Nov 2021 04:58 PM
Kaal Bhairava Ashtami 2021: कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनेगी काल भैरव जयंती, ज्योतिषाचार्य से जानिए डेट व जरूरी बातें

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भय, संकट को दूर करने, राजकोप व लांछन से बचने के लिए श्रद्धालु काल भैरव अष्ठमी का व्रत रखेंगे। अगहन कृष्ण पक्ष अष्ठमी काल भैरव की जयंती के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भैरव की सबसे विशिष्ट पूजा की जाती है। आचार्य माधवानंद (माधव जी) कहते हैं कि काल भैरव को रुद्रावतार माना जाता है। भैरव को शिव का द्वारपाल भी कहा जाता है।

जब भगवान शंकर का अपमान हुआ था, तब सती ने यज्ञ कुंड में कूद कर देह का दहन कर लिया था। इससे कुपित भगवान ने भैरव को यज्ञ ध्वंस के लिए भेजा था। साक्षात काल बनकर भैरव ने तांडव किया था। जानकारों के अनुसार काल भैरव की महत्ता इससे ही समझी जा सकती है कि जहां-जहां ज्योर्तिलिंग और शक्तिपीठ हैं, वहां-वहां काल भैरव को स्थान मिला है। वैष्णो देवी, उज्जैन के महाकालेश्वर, विश्वनाथ मंदिर आदि में काल भैरव मौजूद हैं। शनिवार 27 नवंबर को मनाए जाने वाले काल भैरव अष्टमी के दिन भैरव मंत्र से काल भैरव की उपासना का विधान है। इस दिन श्रद्धालु उपवास करते हैं। आचार्य माधवानंद कहते हैं कि कई श्रद्धालु सूर्यास्त के बाद कुत्तो को भोजन कराकर उपवास तोड़ देते हैं। इस दिन भैरव मंत्र का 1008 बार जप करना चाहिए।

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