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11 जुलाई, 2020|9:35|IST

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Jyeshth Purnima 2020: 5 जून को है ज्येष्ठ पूर्णिमा, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

jyeshth purnima 2020

Jyeshth Purnima 2020: हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। इस बार यह पर्व चंद्रग्रहण के दिन 5 जून को मनाया जा रहा है। भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने का विशेष महत्व बताया गया है। माना गया है कि ऐसा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उन्हें मुक्ति की प्राप्ति होती है। महिलाएं आज के दिन भगवान शंकर और भगवान विष्णु की पूजा पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं श्रृंगार करके पति की लंबी उम्र की कामना से वट वृक्ष यानी बरगद की पूजा और व्रत करती हैं। वट पूर्णिमा का व्रत वट सावित्री के व्रत की तरह ही रखा जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत शुभ मुहूर्त-
वट सावित्री पूर्णिमा शुक्रवार,5 जून
पूर्णिमा तिथि शुरु - जून 5,2020 को 03:17:47 बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त - जून 6,2020 को 24:44 बजे

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन इस विधि करें व्रत-
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन महिलाएं उपवास रखकर वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा करती हैं। पूजा करने के लिए एक बांस की टोकरी मे 7 तरह के अनाज रखें जाते हैं। जिसे कपड़े के दो टुकड़ों से ढ़क दिया जाता है। जबकि दूसरी टोकरी में सावित्री की प्रतिमा रखते है। इसके बाद वट वृक्ष को जल, अक्षत, कुमकुम लगाकर उसकी पूजा की जाती है। इसके बाद पूजा करने वाली महिलाएं लाल रंग की मौली से वृक्ष के सात बार चक्कर लगाते हुए ईश्वर का ध्यान करती हैं। इस पूजन प्रक्रिया के बाद सभी महिलाएं सावित्री की कथा सुनती हैं और अपनी क्षमता के अनुसार दान दक्षिणा देते हुए अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। 

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  • Web Title:Jyeshth Purnima 2020:know the importance of Jyeshth Purnima 2020 vat purnima vrat subh muhurat and puja vidhi and katha