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Jupiter Transit virgo horoscope :शुक्र की राशि में गुरु का आना कन्या राशि पर क्या प्रभाव डालेगा?

Jupiter Transit tauras may 2024 Zodiac virgo horoscope :ग्रह मंगल की राशि मेष को छोड़कर दैत्य गुरु शुक्र की राशि वृष में प्रवेश हो रहा है। शुक्र की राशि में गुरु का आना कन्या राशि पर क्या प्रभाव डाले

Jupiter Transit virgo horoscope :शुक्र की राशि में गुरु का आना कन्या राशि पर क्या प्रभाव डालेगा?
Anuradha Pandeyज्योतिर्विद डॉ दिवाकर त्रिपाठी,नई दिल्लीThu, 02 May 2024 12:02 AM
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Jupiter Transit Zodiac Alert virgo horoscope आज बुधवार को दिन में 9:50 प्रातः देव गुरु बृहस्पति अपने मित्र ग्रह मंगल की राशि मेष को छोड़कर दैत्य गुरु शुक्र की राशि वृष में प्रवेश हो रहा है। शुक्र की राशि में गुरु का आना कन्या राशि पर क्या प्रभाव डालेगा। एक तरफ जहां आपके लिए डर की स्थिति बनेगी, वहीं अचल संपत्ति का लाभ भी आपको होगा।

कन्या :- कन्या राशि तथा लग्न के लोग लिए बृहस्पति सुख एवं दांपत्य के कारक होकर भाग्य भाव वृष राशि में गोचर करेंगे। परिणाम स्वरूप गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि होगी। माता के सहयोग सानिध्य एवं आशीर्वाद में वृद्धि होगा। रियल स्टेट, मोटर वाहन, कंस्ट्रक्शन आदि के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छे लाभ की प्राप्ति होगी। अचल संपत्ति का लाभ प्राप्त होगा। दांपत्य जीवन एवं प्रेम संबंधों में सकारात्मक सुधार होगा। जीवनसाथी से लाभ की स्थिति बनेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। साझेदारी के कार्यों से लाभ के स्थिति बनेगी। नए प्रेम संबंध आरंभ हो सकते हैं। विवाह में चल रहे अवरोध समाप्त होंगे तथा वैवाहिक कार्य संपन्न होंगे। बृहस्पति की पंचम दृष्टि कन्या राशि लग्न भाव पर होगा। ऐसे में मनोबल में सकारात्मक वृद्धि। मानसिक स्थिति में व्यापक सुधार। नेतृत्व क्षमता में सुधार की स्थिति उत्पन्न होगी। व्यक्तित्व में निखार आएगा। मनः स्थिति में सुधार के साथ-साथ मानसिक स्थिति में व्यापक सुधार होगा। बुद्धि बल के आधार पर कार्यों को संपादित करके सफलता प्राप्त करेंगे। स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होगा। बृहस्पति की सप्तम दृष्टि वृश्चिक राशि तृतीय भाव पर होगा। परिणाम स्वरूप पराक्रम में वृद्धि, सामाजिक पद प्रतिष्ठा में वृद्धि। सामाजिक दायरे में वृद्धि। कार्य शक्ति में वृद्धि । भाई-बहनों तथा मित्रों के सहयोग सानिध्य में वृद्धि। राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल बना रहेगा। आंतरिक डर की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कार्य को संपादित करने के पूर्व विचारों में वृद्धि होगी। स्वतंत्र जीवन व्यतीत करने का अवसर प्राप्त होगा। बृहस्पति की नवम दृष्टि मकर राशि पंचम भाव पर होगी। फल स्वरुप अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन। डिग्री के लिए समय अनुकूल होगा। लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा। पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रगति कारक समय होगा। 
उपाय :- मूल कुंडली में यदि बृहस्पति पीड़ित अवस्था में है तो बृहस्पति को मजबूत करने के लिए 45 दिन तक नंगे पैर मंदिर जाकर प्रार्थना करें।