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13 सितम्बर, 2020|12:45|IST

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Janmashtami in Mathura : श्रीकृष्ण जन्मस्थान से लाइव करें जन्मोत्सव का दीदार

janmashtami celebration live from mathura

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण का 5247 वां जन्मोत्सव 12 अगस्त को मनाया जाएगा। परंतु, श्रद्धालु इस बार अपने लाड़ले के जन्माभिषेक का टीवी चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर लाइव दर्शन कर सकेंगे, उनको जन्मस्थान परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।


श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर कलात्मक रूप से सजेगा। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव को जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं को टीवी चैनलों के माध्यम से प्रसारण देखने को मिलेगा। जन्मस्थान पर केशवदेव, गर्भगृह, योगमाया एवं भागवत-भवन मंदिर को भव्य बनाया गया है। ठाकुरजी रेशम, जरी एवं रत्न प्रतिति के सुंदर संयोजन से बनी पुष्प-वृंत पोषाक धारण करेंगे। पत्र-पुष्प, रत्न प्रतिकृति, वस्त्र के अद्भुत संयोजन से बनाए गए पुर्णेन्दु-कुंज बंगले में विराजमान होकर ठाकुरजी मनोहारी स्वरूप में दर्शन देगे। 12 को प्रात: मंगला-दर्शन से पूर्व भगवान इसी पोशाक को धारण कर दर्शन देंगे। 11 की सायं 6 बजे केशवदेव मंदिर से संत एवं आयोजन समिति के सदस्य ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे के मध्य भगवान राधाकृष्ण की पोषाक अर्पित करने के लिए संकीर्तन करते हुए जाएंगे। पोशाक, मुकुट, श्रंगार, कामधेनु गाय की प्रतीति एवं रजत कमल के विशेष दर्शन होंगे। राधाकृष्ण के विग्रह को नवरत्न जड़ित स्वर्ण-कंठा धारण कराया जाएगा।


ब्रजरत्न मुकुट व रजत कमल पुष्प के विशेष दर्शन होंगे।  12 को प्रात: शहनाई व नगाड़ा वादन के साथ मंगला आरती के दर्शन होंगे। तदोपरांत भगवान का पंचामृत अभिषेक होगा। स्त्रोत पाठ व पुष्पार्चन होगा। प्रात: 10 बजे भागवत भवन में राधाकृष्ण के चरणों में पुष्पांजलि दी जाएगी। भगन गायक राजीव चोपड़ा ठाकुरजी के समक्ष पद एवं भजनों का गायन करेंगे। इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशासी राजीव श्रीवास्तव मौजूद थे।

janmashtami celebration in 2019

(janmashtami celebration in 2019)
 

जन्मस्थान में 10 से प्रवेश बंद
संस्थान प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन दर्शन, लीलाओं में मानवता का कल्याण एवं उत्थान का संदेश स्पष्ट है। इन सभी को व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के लिए कृष्णं वंदे जगद्गुरुम् के भाव को हृदयंगम कर 5248वां जन्म महोत्सव मनाया जाएगा। पुलिस-प्रशासन से बैठक के उपरान्त यह निश्चित किया गया है कि 10 अगस्त की दोपहर 12 बजे से 13 अगस्त की शाम 4 बजे तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा।


ऐसे होगा जन्माभिषेक

भागवत भवन में ठाकुरजी के जन्माभिषेक से पूर्व रात्रि 11 बजे नवग्रह पूजा शुरू होगी। रात्रि 12 बजे प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में शंख, ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे और मृदंग बजेंगे व आरती होगी। इसके बाद केसर आदि द्रव्यों को धारण कर भगवान चल विग्रह मोर्टलासन पर विराजमान होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे।  भगवान का प्रथम जन्माभिषेक स्वर्ण मण्डित रजत निर्मित कामधेनु स्वरूपा गौमाता करेंगी। भगवान रात्रि एक बजे तक दर्शन देंगे।

janmashtami celebration in 2019


जन्माभिषेक की टाइम लाइन

गणेश व नवग्रह पूजन, पुष्प सहस्त्रार्चन रात्रि  11 बजे से 11: 55 बजे तक।

प्राकट्य दर्शन हेतु पट बंद रात्रि  11: 55 बजे से 11:59 बजे तक।

प्राकट्य दर्शन रात्रि 12 बजे।

प्राकट्य आरती रात्रि 12 बजे से 12: 05 बजे तक

जन्माभिषेक रात्रि 12:10 बजे से 12: 20 बजे तक।

शृंगार आरती 12:40 बजे से 12:50 बजे तक।

शयन आरती रात्रि एक बजे।

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  • Web Title:Janmashtami in Mathura: devotees an watch janmotsav celebration Live from the birthplace of Shri Krishna