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15 सितम्बर, 2020|3:41|IST

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प्रेरणा देता है कान्हा का हर स्वरूप

कान्हा का जन्मोत्सव पूरी दुनिया में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का हर स्वरूप प्रेरणादायक है। उनका हर स्वरूप सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और संस्कारों में वृद्धि करता है। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीराधा-कृष्ण से जुड़े इन उपायों को करने से घर-परिवार को सुख, समृद्धि, प्रेम से भर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

जन्माष्टमी पर घर में चांदी की बांसुरी लाएं। माखन और मिश्री का भोग लगाकर छोटे बच्चों को खिलाएं। सुंदर सा झूला लाकर उसमें कान्हा जी को बैठाएं। जन्माष्टमी के दिन तुलसी पूजन शुभ माना जाता है। इस दिन कान्हा को मोरपंख अवश्य अर्पित करें। वासुदेव द्वारा कान्हा को टोकरी में रखकर नदी पार करने वाले चित्र या तस्वीर को घर में लगाएं। जन्माष्टमी पर सात कन्याओं को खीर या मिठाई खिलाएं। कान्हा का माखन खाते हुए चित्र रसोई घर में लगाएं। मान्यता है कि जन्माष्टमी की रात्रि तकिए के नीचे सात मोरपंख रखकर सोने से कालसर्प दोष दूर हो जाता है। जन्माष्टमी पर किसी धार्मिक स्थल पर फल और अनाज का दान करें। इस दिन गाय-बछड़े की प्रतिमा घर लाने से धन और संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। घर में उत्तर-पूर्व दिशा में लड्डू गोपाल का चित्र लगाएं। घर में बच्चे हों तो कान्हा का चित्र अवश्य लगाएं। घर में दक्षिण-पूर्व दिशा में भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की तस्वीर लगाएं। दक्षिण दिशा में गोवर्धन पर्वत उठाए भगवान श्रीकृष्ण के चित्र को लगाएं। दक्षिण-पश्चिम दिशा में श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्रधारी स्वरूप का चित्र लगाएं। पश्चिम दिशा में द्वारकाधीश का चित्र लगाएं। उत्तर-पश्चिम दिशा में श्रीराधा-कृष्ण की रासलीला का चित्र लगाएं। यह परिवार में आनंद का वातावरण बनाता है। जीवन से नीरसता दूर करता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।