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Janki Navami 2019: आज है जनकनंदनी माता सीता का अवतरण दिवस, रवियोग में होने से अत्यंत पुण्यदायी

वैशाख शुक्ल नवमी तिथि सोमवार को जनकनंदनी माता सीता का अवतरण दिवस है। इस तिथि पर जानकी नवमी मनायी जाएगी। सुहागिन महिलाएं अपने सौभाग्य रक्षा और पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखेंगी। जानकी नवमी पर भगवान राम सहित मां जानकी का व्रत-पूजन करने से भूमि दान, तीर्थ भ्रमण फल के साथ ही व्रती को सभी दुखों, रोगों व संतापों से मुक्ति मिलती है। मिथिलांचल क्षेत्र में जानकी नवमी की अधिक धूमधाम होती है। 

श्रद्धालु करेंगे व्रत-पूजन

ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा के मुताबिक वैशाख शुक्ल नवमी पर मगहा नक्षत्र की मध्याह्न वेला में जगतजननी मां सीता का इस धरती पर प्रादुर्भाव हु्आ था। जानकी नवमी पर श्रद्धालु व्रत-पूजन करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, राम नाम संकीर्तन व अष्टयाम होता है। इस तिथि पर मां जानकी की पूजा से दरिद्रता दूर होती है और मनोवांक्षित फलों की प्राप्ति होती है। 

रवियोग में होने से अत्यंत पुण्यदायी : पंडित राकेश झा शास्त्री के मुताबिक जानकी नवमी व्रत मघा नक्षत्र व रवियोग में होने से अत्यंत पुण्यदायी है क माता सीता का व्रत करने से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी के साथ सूर्यदेव की भी कृपा मिलेगी। पवित्र नदी या जलाशय में स्नान के बाद श्री रामाय नम: या श्री सीतायै नम: का जाप, जानकी स्त्रोत्र, रामचंद्राष्टक, रामचरित मानस का पाठ करने से सुख-सौभाग्य, सौंदर्य, आरोग्यता का वरदान मिलता है क जानकी नवमी पर सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी में सीता-राम के साथ राजा जनक, माता सुनयना, हल और माता पृथ्वी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है।

हनुमान जी को अष्टसिद्धि का वरदान 

ज्योतिषी झा के मुताबिक सूर्य, अग्नि एवं चंद्रमा का प्रकाश माता सीता का ही स्वरूप है। चंद्रमा की किरणें विभिन्न औषधियों को रोग निदान का गुण प्रदान करती हैं। मां सीताजी ने ही हनुमानजी को उनकी सेवा-भक्ति से प्रसन्न होकर अष्ट सिद्धियों तथा नवनिधियों के स्वामी होने का वरदान दिया था।.

 

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  • Web Title:Janki Navami 2019: Today birth anniversary of Mata Sita married woman will keep fast for longevity of husband
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