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डॉ राजेंद्र प्रसाद ने निकलवाया था आजादी का मुहूर्त, पहले ही हो गई थी बंटवारे की घोषणा

सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। इस आज़ादी के लिए सैकड़ों वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आइए जानते हैं अपने देश की आजादी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य।

देश की आजादी स्थिर रहे इसके लिए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने पंचांग देखकर आजादी का मुहूर्त निकलवाया था। आजादी के बाद भी भारत 1947 से 1950 तक ब्रिटेन के राजा किंग जॉर्ज के अधीन रहा, क्योंकि भारत का अपना संविधान नहीं बना था। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक रात पहले भारत के टुकड़े हुए और पाकिस्तान का जन्म हुआ। इस बंटवारे में करीब 1.5 करोड़ लोग विस्थापित किए गए। 15 अगस्त 1947 तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ। देश को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली तो इस जश्न में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी शामिल नहीं हो सके थे। वह उस दिन बंगाल के नोआखली में हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। भारत 15 अगस्त को आजाद हुआ लेकिन उस समय अपना राष्ट्रगान नहीं था। रवींद्रनाथ टैगोर जन-गण-मन 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में बन पाया। आजादी की घोषणा से एक दिन पहले भारत विभाजन की घोषणा कर दी गई थी। 1947 में लाल किले पर पंडित नेहरु ने झंडा 15 अगस्त को नहीं, बल्कि 16 अगस्त को फहराया था।
भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद 560 रियासतों को भारतीय संघ में शामिल किया। हैदराबाद और जूनागढ़ को भारतीय सेना द्वारा कब्जे में लिया गया था। 15 अगस्त 1972 को भारत में डाक पिन 6 अंकों का नंबर इसकी शुरुआत की गई और 15 अगस्त 1982 को इंदिरा गांधी के भाषण के साथ भारत में टीवी पर रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई।

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  • Web Title:Independence day
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