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30 नवंबर, 2020|9:59|IST

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आपके फ्लैट में आकाश तत्व की कमी तो नहीं,यह करिए उपाय

महाभारत में यह सूक्ति आती है: यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे अर्थात जो हमारे शरीर में है वही पूरे ब्रह्मांड में है। हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है। अग्नि, वायु, जल, आकाश और पृथ्वी तत्वों से मिलकर हमारे शरीर की पूर्णता होती है। ज्योतिषाचार्य पं.शिवकुमार शर्मा के अनुसार पांच तत्व हमारे ब्रह्मांड  में स्थित है। हमारा भवन, आवास, दुकान, फैक्ट्री, कारखाना में भी प्रकृति के इन पांच तत्वों का संतुलन होना अनिवार्य है। यदि किसी एक तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है तो वही वास्तु दोष कहलाता है। आकाश तत्व सृष्टि का सबसे पहला तत्व है। जब ग्रह, तारे ,नक्षत्र आदि कुछ नहीं था, तब  भी आकाश तत्व था। बाकी चारों तत्व आकाश तत्व के ऊपर निर्भर हैं। आकाश गुण शब्द है। वायु द्वारा हमें सुनाई पड़ता है। आकाश का अपना गुण स्पर्श है और आकाश का विकास वायु से ही हुआ है, इसलिए आकाश और वायु दोनों तत्व आपस में मित्र हैं। सोसायटी द्वारा निर्मित फ्लैट्स इस आकाश तत्व के गुणों से वंचित रह जाते हैं। आकाश तत्व हमें स्वयं का मूल्यांकन करने का अवसर देता है। आकाश तत्व हमें बोलने की शक्ति देता है। आकाश तत्व ही हमारी वाणी का प्रमुख कारक है।
पं.शिवकुमार शर्मा के मुताबिक प्राचीन काल में घरों में बीच में स्थान छोड़कर चारों ओर अलग-अलग कमरे बनाए जाते थे। इससे वहां पर आकाश तत्व का बाहुल्य होता था। लोगों के हृदय विशाल होते थे। एक- दूसरे के सुख-दुख में भागीदार होते थे। कालांतर में शहरों में बने मकानों में भीआकाश तत्व का ध्यान रखा। छत पर बीच में दाएं-बाएं प्रकाश की व्यवस्था हेतु जाल लगा दिया। इससे भी कुछ मात्रा में आकाश तत्व हमारे घर में आ गया, लेकिन उपरोक्त गुणों का लगभग 40 फीसदी ह्रास हो गया।

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अब फ्लैट सोसाइटी में हमने आकाश तत्व को आने के लिए स्थान ही नहीं छोड़ा। इसमें वायु का संचालन ठीक प्रकार से होता था। सोसायटीज या फ्लैट्स  में जहां पर आकाश तत्व की कमी है वहां के बच्चे अपने आप को डरा और सहमा महसूस करते हैं। कुछ बच्चे मानसिक तनाव के शिकार हो जाते हैं। महिलाएं अक्सर अपने आप को असुरक्षित और अस्वस्थ महसूस करती हैं। फ्लैट में आकाश तत्व को कुछ हद तक सही करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। 
-प्रातःकाल सूर्योदय से पहले ही अपने घर की सारी खिड़कियां खोल दें और एक-दो घंटा खुला रहने  दें ताकि दाएं-बाएं से आती हुई प्रात:काल की प्राणदायिनी वायु आकाश तत्व को भी संग्रहित कर सके। खुली वायु के घर में प्रवेश करती है तो हमारे घर के कोने कोने में घूमती है। ऐसे में घर के प्रत्येक कक्ष को सुबह कुछ समय के लिए अवश्य खोलें।
- बाहरी खिड़की के पास पवन घंटी लगा सकते हैं। इससे नाद या मधुर स्वर उत्पन्न होगा और यह नाद आपके फ्लैट में आकाश तत्व की पूर्ति करेगा।
-छत पर जहां पंखा लगाते हैं, उसके दाएं-बाएं एक शीशा या लुकिंग मिरर नीचे की ओर देखता हुआ लगा दें। इन उपायों से हम अपने फ्लैट में आकाश तत्व को आमंत्रित कर सकते हैं।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)
 

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  • Web Title:If there is no lack of sky element in your flat do this solution