DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Hartalika Teej 2018: भगवान शिव को पाने के लिए पार्वती ने लिए थे 107 जन्म, ऐसे करें पूजा

hartalika teej shiv parvati

भारत में हरतालिका व्रत भाद्रपद, शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन किया जाता है। इस बार हरतालिका तीज 12 सितंबर को है। इस दिन गौरी-शंकर का पूजन किया जाता है। यह व्रत सभी कुआंरी यु‍वतियां व महिलाएं करती है। कहा जाता है कि पार्वती मां ने भगवान शिव को पाने के लिए 107 जन्म लिए थे। जिसके बाद 108वें जन्म में भगवान शिव ने पार्वती को अपनी अर्धांगनी के रूप में स्वीकार किया था।  

हरतालिका पूजन के लिए 

गीली काली मिट्टी या बालू रेत, बेलपत्र, शमी पत्र, केले का पत्ता, धतूरे का फल एवं फूल, अकांव का फूल, तुलसी, मंजरी, जनैव, नाडा, वस्त्र, फूल पत्ते आदि।

सुहाग सामग्री- चूड़ी, मेहंदी, सिंदूर, काजल, बिंदी, बिछिया, कंघी, माहौर आदि। 

पंचामृत के लिए- श्रीफल, कलश, अबीर, चन्दन, कपूर, कुमकुम, घी-तेल, दीपक, दही, शक्कर, दूध, शहद।

पूजन विधि 

हरितालिका तीज के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है। इस दिन शंकर-पार्वती की बालू या मिट्टी की मूति बनाकर पूजन किया जाता है। घर साफ-सफाई कर तोरण-मंडप आदि सजाया जाता है। आप एक पवित्र चौकी पर शुद्ध मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिलिंग, रिद्धि-सिद्धि सहित गणेश, पार्वती व उनकी सखी की आकृति बनाएं। इसके बाद देवताओं का आवाहन कर पूजन करें। इस व्रत का पूजन पूरी रात किया जाता है। प्रत्येक पहर में भगवान शंकर का पूजन व आरती होती है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

Hartalika Teej 2018: 12 सितंबर को हरतालिका तीज, शाम तक कर सकते हैं पूजा

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hartalika Teej 2018 shiv parvati puja vidhi katha