DA Image
14 नवंबर, 2020|5:50|IST

अगली स्टोरी

Happy Diwali 2020: जान लें मां लक्ष्मी-भगवान गणेश की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

दीवाली का त्योहार हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस साल दीपावली 14 नवंबर (शनिवार) यानी आज है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी अपने भक्तो पर कृपा बरसाती हैं। दिवाली की रात सर्वार्थ सिद्धि की रात मानी जाता है। अगर आप भी दिवाली पर मां लक्ष्मी का पाना चाहते हैं आशीर्वाद, तो जानिए दीपावली के दिन किस शुभ मुहूर्त और किस विधि से करनी चाहिए पूजा-

दिवाली की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री (Diwali Puja Vidhi, Subh Muhurat and Puja Samagri List)-

घर पर दीपावली पूजा के शुभ मुहूर्त-

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:28 से शाम 7:30 तक ( वृष, स्थिर लग्न)

प्रदोष काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:33 से रात्रि 8:12 तक

महानिशीथ काल मुहूर्त ( काली पूजा)

महानिशीथ काल मुहूर्त्त: रात्रि 11:39 से 00:32 तक।

सिंह काल मुहूर्त्त: रात्रि 12:15 से 02:19 तक।

व्यापारिक प्रतिष्ठान पूजा मुहूर्त

सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजित: दोपहर 12:09 से शाम 04:05 तक।

लक्ष्मी पूजा 2020: चौघड़िया मुहूर्त

दोपहर: (लाभ, अमृत) 14 नवंबर की दोपहर 02:17 से शाम को 04:07 तक।

शाम: (लाभ) 14 नवंबर की शाम को 05:28 से शाम 07:07 तक।

रात्रि: (शुभ, अमृत, चल) 14 नवंबर की रात्रि 08:47 से देर रात्रि 01:45 तक

प्रात:काल: (लाभ) 15 नवंबर को 05:04 से 06:44 तक

दिवाली पूजन सामग्री लिस्ट-

मां लक्ष्मी की प्रतिमा (कमल के पुष्प पर बैठी हुईं), गणेश जी की तस्वीर या प्रतिमा (गणपति जी की सूंड बांयी ओर होनी चाहिए), कमल का फूल, गुलाब का फूल, पान के पत्ते, रोली, सिंदूर, केसर, अक्षत (साबुत चावल), पूजा की सुपारी, फल, फूल मिष्ठान, दूध, दही, शहद, इत्र, गंगाजल, कलावा, धान का लावा(खील) बताशे, लक्ष्मी जी के समक्ष जलाने के लिए पीतल का दीपक, मिट्टी के दीपक, तेल, शुद्ध घी और रुई की बत्तियां, तांबे या पीतल का कलश, एक पानी वाला नारियल, चांदी के लक्ष्मी गणेश स्वरुप के सिक्के, साफ आटा, लाल या पीले रंग का कपड़ा आसन के लिए, चौकी और पूजा के लिए थाली।

मां लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि-

सबसे पहले पूजा का संकल्प लें।

श्रीगणेश, लक्ष्मी, सरस्वती जी के साथ कुबेर जी के सामने एक-एक करके सामग्री अर्पित करें।

इसके बाद देवी-देवताओं के सामने घी के दीए प्रवज्जलित करें।

ऊं श्रीं श्रीं हूं नम: का 11 बार या एक माला का जाप करें।

एकाक्षी नारियल या 11 कमलगट्टे पूजा स्थल पर रखें।

श्री यंत्र की पूजा करें और उत्तर दिशा में प्रतिष्ठापित करें।

देवी सूक्तम का पाठ करें।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Happy Diwali 2020 Deepawali Lakshmi Puja Subh Muhurat and Puja Vidhi and Samagri List Check here