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पंचांग-पुराणबैसाखी: गुरुद्वारों में आज होगा पाठ, आयोजन नहीं

निज संवाददाता,लखनऊPublished By: Saumya Tiwari
Tue, 13 Apr 2021 09:58 AM
बैसाखी: गुरुद्वारों में आज होगा पाठ, आयोजन नहीं

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते सिख समाज बैसाखी का पर्व सोमवार को सादगी के साथ मनाएगा। बैसाखी के उपलक्ष्य में गुरुद्वारों में होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। सिर्फ ग्रंथी गुरुवाणी का पाठ कर गुरु का बखान करेंगे। सामूहिक लंगर का आयोजन भी नहीं होगा। गुरुद्वारे आने वाली संगत कोरोना प्रोटोकॉल के तहत गुरु के दर्शन कर सकेंगे। प्रसाद स्वरूप भोजान के पैकेट वितरित किए जाएंगे। 

वनाका गुरुद्वारे के प्रधान राजेन्द्र सिंह बग्गा ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इस बार कार्यक्रम काफी सूक्ष्म स्तर पर होंगे। सभी लोग इस बार सभी लोग घर पर रहकर ही वाहेगुरु का सुमिरन करें। बैसाखी पर निकलने वाला परम्परागत नगर कीर्तन भी नहीं निकला जाएगा। वही यहियागंज गुरुद्वारे के सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने भी सभी से घर पर रहकर ही वाहेगुरु की आराधना करने की बात कही।

खालसा पंथ की स्थापना

वर्ष 1699 में सिखों के 10 वें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने अन्याय व जुल्म के खिलाफ लड़ने के लिए बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की। सबसे पहले गुरु गोविंद सिंह ने भाई दया सिंह, धरम सिंह, हिम्मत सिंह, मौकम सिंह और साहिब सिंह को अमृत छका कर पांच प्यारों की स्थापना की। 
घर पर करेंगे अरदास

बैसाखी के दिन पूरे परिवार के साथ गुरु घर जाकर दीवान साहब के सामने माथा टेकते थे। कोरोना संक्रमण के चलते घर पर रहकर ही वाहेगुरु की अरदास करेंगे। 
अमृतपाल सिंह, आलमबाग 

परिस्थिति को देखते हुए इस बार घर पर रहकर परिवार के साथ मिलकर सभी के कल्याण और कोरोना से मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। 
कमलजीत सिंह, मोतीनगर

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