DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भक्तों का दुख हर लेते हैं हाथी बाबा मन्दिर में विराजमान हनुमानजी

गोमतीपार इलाके में हनुमान जी का एक मन्दिर हाथी बाबा मन्दिर के नाम से विख्यात है। सीतापुर रोड स्थित इस मन्दिर में आने वाले भक्तों का कहना है कि जो श्रद्धालुसच्चे मन से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। बहुत से लोग मनोकामना पूर्ण होने पर यहां पूजा भी कराते हैं।

वैष्णव संत मंडल के अध्यक्ष 1008 साकेतवासी रामदास जी महाराज ने सन् 1960 में मन्दिर की स्थापना कराई थी, दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं श्रद्धालु

इस मंदिर में पहले हनुमान जी की ही मूर्ति थी। बाद में श्रीराधा कृष्ण, मां दुर्गा, लक्ष्मी जी, लक्ष्मी नारायण, श्रीराम दरबार और भगवान भोलेनाथ के परिवार की मूर्तियां स्थापित कराई गईं।मन्दिर में एक विशाल सत्संग हाल है। इसमें मन्दिर की ओर से अक्सर भजन संध्या, सुन्दरकाण्ड, प्रवचन जैसे आयोजन होते रहते हैं। इसमें आम भक्त भी भजन, प्रवचन करवा सकते हैं। मन्दिर के बाहर पीपल पेड़ व शनि मन्दिर है, जहां हर शनिवार शनि दान देने और पूजा करने वालों का तांता लगता है। 

यहां पर विख्यात कथा वाचक रमेश भाई ओझा, किरीट भाई, प्रेम भूषण महाराज, अयोध्या के नृत्य गोपाल दासजी, कमल नयन, शंकराचार्य स्वामी राजेश्वरानन्द सरस्वती जैसे संत प्रवचन कर चुके हैं।

सीतापुर रोडस्थित हाथी बाबा मन्दिर

मन्दिर के महंत राम चन्द्र किशोर दास जी महाराज ने बताया कि सन् 1960 में वैष्णो संत मंडल के अध्यक्ष 1008 साकेतवासी रामदास जी महाराज ने मन्दिर की स्थापना कराई थी। उन्होंने बताया कि महाराज जी के पास दो हाथी थे। गुरु महाराज जब हाथी पर बैठकर शहर का भ्रमण करते थे। वे भक्तों की समस्याएं सुनते थे, और समाधान भी सुझाते थे। इसीलिए धीरे-धीरे लोग इस मंदिर को हाथी बाबा मन्दिर कहने लगे। सन्1987 में रामदास जी महाराज का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद उनके शिष्य राम चन्द्र किशोर दास को जिम्मेदारी सौंपी गई। .

मंदिर के महंत श्री दास ने बताया किदूसरे वर्षों की भांति इस वर्ष भी जेठ माह के सभी चार मंगल को यहां विशेष आयोजन होंगे। इसके लिए अभी से तैयारी चल रही है। प्रत्येक मंगल को भगवान का विशेष शृंगार किया जाएगा।इस दौरान आरती के बाद मन्दिर सुबह पांच बजे खुल जाएगा। शाम को कथा व्यास कल्याणी देवी के सानिध्य में सुन्दरकाण्ड का पाठ होगा। जेठ महीने में मन्दिर के बाहर कई भक्तों की ओर से भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hanumanji takes pride in the devotees who sit in the elephant Baba temple