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पंचांग-पुराणHanuman Jayanti 2021: कलयुग में सभी के संकट दूर करते हैं हनुमानजी, जानें हनुमान जयंती की तिथि और उपाय

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Alakha Singh
Sat, 03 Apr 2021 03:26 PM
Hanuman Jayanti 2021: कलयुग में सभी के संकट दूर करते हैं हनुमानजी, जानें हनुमान जयंती की तिथि और उपाय

Hanuman Jayanti 2021: हिंदू कैलेंडर यानी पंचांग के अनुसार इस वर्ष हनुमान जयंती 27 अप्रैल 2021 मनाई जाएगी। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, रामभक्त और अंजनि पुत्र श्री हनुमान जी का जन्म चैत्र माह, शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। इस बार यह तिथि 26 अप्रैल, दिन सोमवार को पड़ रही है। लेकिन हनुुमान जयंती 27 अप्रैल को पूर्णिमा तिथि और मंगलवार को मनाई जाएगी। माना जाता है कि हनुमान जी एक अकेले ऐसे देवता हैं जो कलयुग में भी पृथ्वी पर निवास करते हैं और सभी के संकट दूर करते हैं।

संतों के प्रवचनों और धर्मग्रंथों में वर्णित कथाओं के अनुसार, हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर वास करते हैं। यह कहा जाता है कि हनुमान जी को अमर रहने का वर प्राप्त है। कथाओं में हनुमान जी को भगवान शिव का अंशावतार माना गया है। कहा जाता है कि जिस तरह से विष्णु अवतार भगवान राम के पृथ्वी पर अवतरित होने से पूर्व स्वर्ग लोग देवता वानर और मनुष्यों के रूप में पृथ्वी लोग में जन्म लिया था उसी तरह से भगवान शंकर कां अंश भी हनुमान जी के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया जिससे कि वे भगवान राम की सेवा कर सकें।

Hanuman Jayanti 2021 Tithi and Date:

26 अप्रैल 2021, सोमवार - चैत्र शुक्ल चतुर्दशी
27 अप्रैल 2021, मंगलवार - चैत्र शुक्ल पूर्णिमा

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 26 अप्रैल 2021, सोमवार, दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से
पूर्णिमा तिथि का समापन- 27 अप्रैल 2021, मंगलवार, रात 9 बजकर 01 मिनट पर 

हनुमान जयंती उपाय (Hanuman Jayanti upay) :
हनुमान जयंती पर श्री हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें आप भी अपना सकते हैं-
1- परेशानियों से राहत पाने के लिए किसी हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाएं।
2- सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए हनुमान जयंती को पूजा-अर्चना के साथ ही रामायण के सुंदरकांड का पाठ करें।
3- राह की बाधाओं को दूर करने के लिए हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाकर चना गुड़ का प्रसाद वितररित करें।
4- स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हनुमान जी को सिंदूरी (चमेली के तेल या गाय के घी के साथ) चढ़ाने के साथ ही हनुमान चालीसा का नियमित पाठ भी करें।
5- हनुमान जी की कृपा पाने के लिए राम नाम संकीर्तन और रामायण पाठ का आयोजन भी किया जा सकता है।

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैंजिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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