31 दिसंबर तक इन 3 राशियों पर देवगुरु बृहस्पति की रहेगी असीम कृपा, धन-दौलत से भरेंगे तिजोरी
Guru Vakri 2023: देवगुरु बृहस्पति वर्तमान में मेष राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। 31 दिसंबर को गुरु मार्गी हो जाएंगे। जानें वक्री गुरु किन राशियों के लिए लाएंगे सुखद परिणाम-

Vakri Guru 2023 in Aries: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को गुरु माना गया है। देवगुरु बृहस्पति धनु और मीन राशि के स्वामी ग्रह हैं। कर्क राशि में इन्हें उच्च और मकर राशि में नीच का माना गया है। देवगुरु बृहस्पति को एक राशि से दूसरी राशि में आने में करीब एक साल का समय लगता है। वर्तमान में गुरु मेष राशि में वक्री अवस्था में हैं। गुरु 4 सितंबर को वक्री अवस्था में आए थे। किसी भी ग्रह की वक्री अवस्था से अर्थ उसकी उल्टी चाल से है। गुरु 31 दिसंबर 2023 तक वक्री रहेंगे। 12 साल बाद मेष राशि में गुरु के वक्री होने से कुछ राशियों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। जानें इन राशियों के बारे में-
मेष राशि: देवगुरु बृहस्पति की वक्री अवस्था में मेष राशि वालों को सुखद परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान आप आर्थिक लाभ का अनुभव कर सकते हैं। इसके साथ ही करियर में उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। व्यापारियों को वक्री गुरु की अवधि में ज्यादा मुनाफा हो सकता है। गुरु की उल्टी चाल आपको समाज में मान-सम्मान दिला सकती है।
सिंह राशि: सिंह राशि के तहत जन्म लेने वाले जातकों को वक्री गुरु खूब लाभकारी परिणाम देंगे। वक्री गुरु की अवधि में आपको निवेश का पूरा-पूरा लाभ मिलेगा। सफलता आपके कदम चूमेगी। आपको अपने पिता का भरपूर सहयोग मिलेगा। करियर की बात करें तो आपको प्रमोशन मिल सकता है। कोई लंबे समय से अटका प्रोजेक्ट आखिरकार पूरा हो जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को सफलता मिल सकती है।
मीन राशि: मीन राशि वालों के वक्री गुरु की अवधि में लाभ ही लाभ हो सकता है। 31 दिसंबर तक की अवधि आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम ला सकती है। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ होने के आसार हैं। आप परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहने वाला है। लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


