Guru Pushya Yoga 2021: आज बन रहा गुरु पुष्य योग, इस शुभ योग में इन उपाय व मंत्रों के जाप से मिलती है सफलता
गुरु पुष्य योग 25 फरवरी 2021 को बन रहा है। पुष्य योग गुरुवार के दिन बनने के कारण इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है। देवगुरु बृहस्पति को पुष्य नक्षत्र का देवता माना गया है। पुष्य नक्षत्र का स्वभाव शुभ...

गुरु पुष्य योग 25 फरवरी 2021 को बन रहा है। पुष्य योग गुरुवार के दिन बनने के कारण इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है। देवगुरु बृहस्पति को पुष्य नक्षत्र का देवता माना गया है। पुष्य नक्षत्र का स्वभाव शुभ होता है। यह नक्षत्र शुभ संयोग निर्मित करता है और इस दिन विशेष उपाय व मंत्र जाप करने से जीवन के हर क्षेत्र में शुभ फल मिलने लगते हैं। ज्योतिष के अनुसार, 25 फरवरी का दिन नक्षत्र की दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन एक अच्छा शुभ संयोग बनने जा रहा है।
गुरु पुष्य योग में खरीदारी होती है अतिशुभ-
गुरु पुष्य योग में विद्वान ज्योतिषियो का कहना हैं कि पुष्य नक्षत्र में धन प्राप्ति, चांदी, सोना, नये वाहन, बही-खातों की खरीदारी एवं गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुए ज्यादा लाभ प्रदान करती है। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी अधिक समय तक स्थायी और समृद्धि प्रदान करती है। इस दिन की गई सुवर्ण अथवा गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुए अत्याधिक लाभ प्रदान करती है। गुरु पुष्य योग के दौरान पीला पुखराज धारण करना इस दिन अत्यन्त शुभ फलदायी माना गया है।
भगवान विष्णु का मिलता है आशीर्वाद-
नारदपुराण के अनुसार, गुरु पुष्य योग में जन्मे जातक महान कर्म करने वाला, बलवान, कृपालु, धार्मिक, धनी, कई कलाओं का ज्ञाता, दयालु और सत्यवादी होते हैं। इस नक्षत्र में कई शुभ कार्यों को करना लाभकारी होता है। हालांकि मां पार्वती विवाह के समय शिव से मिले श्राप के कारण पाणि ग्रहण संस्कार के लिए इस नक्षत्र को वर्जित माना गया है।
अब कब बनेगा गुरु पुष्प योग-
25 फरवरी के बाद अब गुरु पुष्प योग दीपावली के पहले 28 अक्टूबर को पूरे दिन और 25 नवंबर को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ये शुभ संयोग बना रहेगा। इसके बाद यह साल की शुरुआत में 28 जनवरी को शुभ संयोग बना था।
25 फरवरी के शुभ मुहूर्त-
अमृतसिद्धि योग - Feb 25 06:55 AM - Feb 25 01:17 PM
सर्वार्थसिद्धि योग - Feb 25 06:55 AM - Feb 25 01:17 PM
गुरू पुष्य योग - Feb 25 06:55 AM - Feb 25 01:17 PM
उपाय- इस शुभ योग में पीपल के पेड़ की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
वेद मंत्र: ॐ बृहस्पते अतियदर्यौ अर्हाद दुमद्विभाति क्रतमज्जनेषु। यददीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविण धेहि चित्रम।
पुष्य नक्षत्र का नाम मंत्र: ॐ पुष्याय नम:।
नक्षत्र देवता के नाम का मंत्र: ॐ बृहस्पतये नम:।


