Guru Purnima 2019: Know the Date Time and Significance - Guru purnima 2019: इस दिन है गुरु पूर्णिमा, जानें क्यों कहा जाता है व्यास पूर्णिमा DA Image

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Guru purnima 2019: इस दिन है गुरु पूर्णिमा, जानें क्यों कहा जाता है व्यास पूर्णिमा

lord vishnu

आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। कहते है कि इसी पूर्णिमा पर महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। यही वजह है कि इनकी जयंती के कारण ही गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। वेद व्यास जी को वेदों का ज्ञान था। इसलिए उनका नाम वेदव्यास पड़ा। महाभारत जैसे श्रेष्ठ ग्रंथ की रचना भी उन्होंने ही की थी। इस दिन लोग अपने गुरू की पूजा करते है और उन्हें आदर-सम्मान के साथ कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। दरअसल गुरू के लिए कहा गया है कि गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु ही शंकर है व गुरु ही साक्षात परब्रह्म है और उन्हीं सद्गुरु को हम प्रणाम करते हैं।

16 जुलाई

गुरु पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - 01:48 बजे (16 जुलाई 2019) से

गुरु पूर्णिमा तिथि समाप्त - 03:07  बजे (17 जुलाई 2019) तक

आपको बता दें कि पुराणों की कुल संख्या 18 है और उन सभी 18 पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास को माना जाता है। इन्होंने वेदों को विभाजित किया है, जिसके कारण इनका नाम वेदव्यास पड़ा था। वेदव्यास जी को आदिगुरु भी कहा जाता है इसलिए गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं। तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। ये मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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  • Web Title:Guru Purnima 2019: Know the Date Time and Significance