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Hindi News AstrologyGupt Navratri from 10th February to 19th February note down Ghatasthapana Muhurta and worship method

10 फरवरी से 19 फरवरी तक गुप्त नवरात्रि, नोट करें घट स्थापना मुहूर्त और पूजा-विधि

Gupt Navaratri 2024: गुप्त नवरात्रि में मां के सभी स्वरूपों की पूजा विशेष फलदायी होती है। हर साल 2 बार गुप्त नवरात्रि की तिथि पड़ती है। गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक और साधक विशेष तौर पर पूजा-पाठ करते है

10 फरवरी से 19 फरवरी तक गुप्त नवरात्रि, नोट करें घट स्थापना मुहूर्त और पूजा-विधि
Shrishti Chaubeyलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 05 Feb 2024 06:00 AM
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Gupt Navratri 2024: इस साल की गुप्त नवरात्रि दस फरवरी से आरंभ हो रही है। माघ शुक्ल महीने की प्रतिपदा से प्रारंभ यह नवरात्र 19 फरवरी तक है। इस दौरान श्रद्धालु निराहार या फलाहार रह कर माता की आराधना करेंगे। दस फरवरी को प्रथम तिथि से लेकर नवमी तिथि तक माता का नौ स्वरूपों की आराधना की जाएगी। इस नवरात्रि में मां के सभी स्वरूपों की पूजा विशेष फलदायी और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली होती है।

विशेष कर पंचमी तिथि (बसंत पंचमी) के दिन माता सरस्वती की विशेष पूजा का विधान है। पूरे साल भर के अंदर शास्त्र में चार नवरात्रि मनाने का विधान है। यह माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन माह की शुक्ल पक्ष को मनायी जाती है। लेकिन, वर्तमान में चैत्र और आश्विन महीने की नवरात्र ही आम लोगों के बीच प्रचलित है। आश्विन माह की शारदीय नवरात्र सबसे प्रमुख है।

गुप्त नवरात्रि घट स्थापना का मुहूर्त

माघ महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 फरवरी की सुबह 4:28 बजे से रात्रि 12:45 मिनट तक रहेगी। घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 10 फरवरी की सुबह 8:45 बजे से सुबह 10:10 बजे तक है। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त की कुल अ‌वधि 1 घंटा 25 मिनट है।

तांत्रिक और साधक करते हैं विशेष अनुष्ठान

आचार्य और विद्वानों के अनुसार माघ और आषाढ़ में मनाए जाने वाले नवरात्र को गुप्त नवरात्र भी कहा जाता है। पंडित आचार्य रामदेव के अनुसार इन दोनों नवरात्र में तंत्र और मंत्र साधक अपनी सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए तांत्रिक अनुष्ठान करते हैं। इसमें आम श्रद्धालुओं की भीड़ कम होती है और माता के सभी नौ स्वरूपों की निर्विघ्न पूजा अनुष्ठान करते हैं। इसलिए उनके लिए यह नवरात्र विशेष फलदायी होते हैं। खासकर शिशिर नवरात्र के दौरान देश के सभी शक्तिपीठों में साधक इस नवरात्र के दौरान साधना कर सिद्धि प्राप्त करते हैं। इस नवरात्र के दौरान देश के विभिन्न शक्तिपीठों के अलावा झारखंड के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर, गोड्डा की योगिनी सिद्धपीठ और बाबाधाम की ह्रदयपीठ में तांत्रिक साधना करते हैं।

गुप्त नवरात्र के दौरान प्रमुख अनुष्ठान

  • 10 फरवरी गुप्त नवरात्रि
  • 12 फरवरी गौरी तृतीया
  • 13 फरवरी गणेश चतुर्थी
  • 14 फरवरी बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा
  • 15 फरवरी शीतला षष्ठी
  • 16 फरवरी अचला सप्तमी
  • 17 फरवरी अष्टमी 
  • 18 फरवरी महानन्दा नवमी

पूजा-विधि
1- सुबह उठकर स्नान करें और मंदिर साफ करें 
2- दुर्गा माता का गंगाजल से अभिषेक करें।
3- मैया को अक्षत, लाल चंदन, चुनरी, सफेद और लाल पुष्प अर्पित करें।
4- सभी देवी-देवताओं का जलाभिषेक कर फल, फूल और तिलक लगाएं। 
5- प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
6- घर के मंदिर में धूपबत्ती और घी का दीपक जलाएं 
7- दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें 
8 - फिर पान के पत्ते पर कपूर और लौंग रख माता की आरती करें।
9 - अंत में क्षमा प्रार्थना करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 

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