Hindi Newsधर्म न्यूज़Govardhan Puja 2023 Date and Muhurat: Govardhan Puja Best Time know puja vidhi importance and katha

Govardhan Puja 2023 Muhurat: आज गोवर्धन पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ इतना समय, आप भी जान लें डेट,पूजन मुहूर्त, विधि व कथा

Govardhan Puja 2023 Date, Muhurat and Vidhi: गोवर्धन पूजा के दिन 56 या 108 तरह के पकवानों का श्रीकृष्ण को भोग लगाना शुभ माना जाता है। जानें गोवर्धन पूजन मुहूर्त व विधि-

Saumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीTue, 14 Nov 2023 10:57 AM
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Govardhan Puja 2023 Time: हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व हर साल दिवाली के ठीक अगले दिन आता है, जिसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण और गौ माता की पूजा का विधान है। इस साल अमावस्या तिथि दो दिन होने के कारण गोवर्धन पूजा की तारीख को लेकर संशय है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अमावस्या तिथि दो दिन होने के कारण गोवर्धन पूजा और दिवाली के बीच एक दिन का अंतर आ रहा है। 

गोवर्धन पूजा 2023 कब है: द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 13 नवंबर, सोमवार को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट से शुरू होगी और 14 नवंबर 2023, मंगलवार को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि को देखते हुए इस साल गोवर्धन पूजा 14 नवंबर को मनाई जाएगी।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त - गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:42 बजे से सुबह 08:51 बजे तक रहेगा। शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 2 घंटे 9 मिनट की है।

गोवर्धन पूजा के दिन बन रहे खास योग: इस साल गोवर्धन पूजा पर सुबह से दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक शोभन योग बन रहा है। इसके बाद अतिगंड योग शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में अतिगंड योग को शुभ नहीं माना गया है, जबकि शोभन योग में शुभ व मांगलिक कार्य करना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा इस दिन सुबह से अनुराधा नक्षत्र रहेगा।

गोवर्धन पूजा की विधि-

सबसे पहले घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाएं। 
इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करें।
कहा जाता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिल से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से सालभर भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है।
भगवान श्री कृष्ण का अधिक से अधिक ध्यान करें।
इस दिन भगवान को 56 या 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने की परंपरा भी है।
भगवान श्री कृष्ण की आरती करें।

गोवर्धन पूजा से जुड़ी पौराणिक कथा-

मान्यता यह है कि ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। श्रीकृष्‍ण ने इन्‍द्र के घमंड को चूर-चूर कर गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन बनाते हैं। कुछ लोग गाय के गोबर से गोवर्धन का पर्वत मनाकर उसे पूजते हैं तो कुछ गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान को जमीन पर बनाते हैं। 

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