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27 मार्च, 2020|11:42|IST

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Gangaur puja 2020: कोरोना वायरस को देखते हुए ईशर गणगौर तीज व्रत घर में ही करें महिलाएं

गणगौर की सजी झांकी, दर्शन को उमड़े भक्त

ईशर गणगौर तीज व्रत 27 मार्च को मनाया जा रहा है। राजस्थान में प्रमुखता से मनाया जाने वाला यह त्योहार 16 दिन का होता है। होली से इस त्योहार की शुरुआत होती है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही यह व्रत रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से माता पार्वती व भगवान शंकर की पूजा की जाती है। महिलाएं शंकर -पार्वती से अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। इसके अलावा कुवांरी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। 

इस व्रत को महिलाएं मंदिरों में सामूहिक रूप से पूजा पाठ करके करती हैं, लेकिन देश में कोरोना महामारी के करण आज महिलाओं को घर में ही व्रत कर लेना चाहिए। कोरोना वायरस के कारण मंदिर में होने वाले गणगौर उत्सव को स्थगित कर दिया गया है। इस दिन महिलाएं मायके आयकर व्रत रखती हैं। 

गणगौर पर परम्परागत गीतों के साथ ईसर (शिव) और पार्वती का पूजन किया जाता है। राजस्थान के लोग इन परम्पराओं निभाते हुए नई पीढ़ी को विशेषतौर पर पूजन में शामिल करते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि सुख-सौभाग्य के लिए होने वाले पूजन की शुरुआत होली से ही हो जाती है। धुलंडी के दिन होली की राख से सोलह गणगौर बनाकर सोलह दिन तक पूजा की जाती है। ये भी कहा जाता है कि  चैत्र शुक्ल तृतीया को सुबह पूजा के बाद तालाब, सरोवर में गणगौर के मंगलगीत गाते हुए गणगौर (ईसर-गौर) की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

 

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  • Web Title:Gangaur puja 2020: Seeing the corona virus Gangaur Teej vrat women should do at home