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1 जून, 2020|1:34|IST

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Gangaur 2019: अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें करती हैं गणगौर की पूजा

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चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला गणगौर तीज उत्सव आज से मनाया जा रहा है।  इस दिन विशेष रूप से माता पार्वती व भगवान शंकर की पूजा की जाती है। गणगौर राजस्थान के प्रमुख पर्व है, जिसे पूरी श्रद्धा एवं परंपरा के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर और विवाहित महिलाएं सुहाग की रक्षा के लिए पूजा करती हैं। 

राजस्थान का यह त्योहार 16 दिनों का होता है। जहां लड़कियां होली में शादी के बाद मायके आकर इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाकर अपने सुहाग की मंगलकामना करती हैं। अतः सुहागिनें भी उन्हीं के साथ प्रमुख पूजा में सहयोग कर अपने परिवार और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।  

गणगौर पर परम्परागत गीतों के साथ ईसर (शिव) और पार्वती का पूजन किया जाता है। राजस्थान के लोग इन परम्पराओं निभाते हुए नई पीढ़ी को विशेषतौर पर पूजन में शामिल करते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि सुख-सौभाग्य के लिए होने वाले पूजन की शुरुआत होली से ही हो जाती है। धुलंडी के दिन होली की राख से सोलह गणगौर बनाकर सोलह दिन तक पूजा की जाती है। ये भी कहा जाता है कि  चैत्र शुक्ल तृतीया को सुबह पूजा के बाद तालाब, सरोवर में गणगौर के मंगलगीत गाते हुए गणगौर (ईसर-गौर) की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

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  • Web Title:Gangaur 2019: Suhaginan pooja and vrat on Gangaur