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Ganga Dussehra 2024 :गंगा दशहरा कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Ganga Dussehra 2024 Kab Hai : इस साल 16 जून 2024 को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन धर्म-कर्म और स्नान-दान के कार्यों को बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इससे जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

Arti Tripathi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीWed, 5 June 2024 05:42 AM
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Ganga Dussehra 2024 Date : हिंदू धर्म में प्रत्येक व्रत और त्योहार का बड़ा महत्व है। हर साल ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, इस साल 16 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन गंगा नदी में स्नान किया जाता है। साथ ही धर्म-कर्म और दान-पुण्य के कार्य बेहद शुभ फलदायी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की विधिवत पूजा-आराधना करने से जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा मिलता है और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल गंगा दशहरा पर कई शुभ संयोग का भी निर्माण हो रहा है। जिससे पूजा-पाठ समेत सभी धार्मिक कार्यों के दोगुना शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं गंगा दशहरा की सही डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व...

कब है गंगा दशहरा ?

दृक पंचांग के अनुसार,ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 16 जून को 02:32 एएम पर होगा और अगले दिन यानी 17 जून 2024 को सुबह 04:45 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 16 जून 2024 को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। 

गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त : इस साल गंगा दशहरा के दिन अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग,हस्त नक्षत्र समेत 4 शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा-उपासना और दान-पुण्य के कार्यों का बड़ा महत्व है।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त : गंगा नदी में स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सुबह 04:03 मिनट से लेकर 04:45 मिनट तक पूजा का स्नान-दान का शुभ मुहूर्त बन रहा है।

गंगा दशहरा का महत्व : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मनुष्य से जाने-अनजाने में हुए पाप से मुक्ति पाने के लिए गंगा दशहरा के मां गंगा की पूजा-आराधना करना चाहिए और पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इस दिन श्रद्धापूर्वक मां गंगा की पूजा करने से समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन मां गंगा का पूजा-उपासना की जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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