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Ganga Dussehra : गंगा दशहरा आज, स्नान व दीपदान का महत्व, नोट कर लें संपूर्ण पूजा-विधि

Ganga Dussehra : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं इस दिन गंगा स्नान से पितर भी प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है।

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्लीSun, 16 June 2024 05:43 AM
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गंगा दशहरा 16 जून को है। इस दिन गंगा स्नान से दस तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान और पूजा के साथ दीपदान का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं इस दिन गंगा स्नान से पितर भी प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मां गंगा का अवतरण भूलोक पर हुआ था। हर वर्ष ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस बार गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को मनाया जाएगा।

गंगा दशहरा पूजा- विधि

  • गंगा स्नान करें। जो लोग गंगा स्नान के लिए नहीं जा सकते हैं वो घर में रहकर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर मां गंगा का ध्यान कर स्नान करें।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। 
  • इस दिन मां गंगा का अधिक से अधिक ध्यान करें।
  • इस दिन दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  • घर में रहकर ही मां गंगा की आरती करें।

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गंगा दशहरा का महत्व

  • इस पावन दिन मां गंगा की पूजा- अर्चना करने से सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है।
  • मां गंगा की पूजा अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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मां गंगा आरती

ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता।
ॐ जय गंगे माता...

चन्द्र-सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता।
ॐ जय गंगे माता...

पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गंगे माता...
एक ही बार भी जो नर तेरी शरणगति आता।
यम की त्रास मिटा कर, परम गति पाता।
ॐ जय गंगे माता...
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता।
दास वही जो सहज में मुक्ति को पाता।
ॐ जय गंगे माता...
ॐ जय गंगे माता...।।

मां गंगा मंत्र

  • ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः' 

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