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Ganga Dussehra 2023 : 30 को गंगा दशहरा, इस साल बन रहा सिद्धि योग, स्नान-दान का विशेष महत्व

ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि 30 मई को इस वर्ष गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन सिद्धि योग में स्नान व दान का विशेष महत्व है। गंगा दशहरा को गंगावतरण यानी गंगा का अवतरण नाम से भी जाना जाता है।

Ganga Dussehra 2023 : 30 को गंगा दशहरा, इस साल बन रहा सिद्धि योग, स्नान-दान का विशेष महत्व
Yogesh Joshiहिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरSat, 27 May 2023 02:05 PM
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ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि 30 मई को इस वर्ष गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन सिद्धि योग में स्नान व दान का विशेष महत्व है। गंगा दशहरा को गंगावतरण यानी गंगा का अवतरण नाम से भी जाना जाता है।ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, मां गंगा का अवतरण जेष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन हुआ था। इस दिन मां गंगा की पूजा करने और स्नान-ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा का भी खास महत्व है। इस दिन गंगा में स्नान करने से 10 प्रकार के विकारों का नाश होता है। मुक्ति मोक्ष का लाभ मिलता है।

शुभ मुहूर्त : 29 मई सुबह 11.49 बजे से दशमी शुरू होगी, जबकि 30 मई दोपहर 1.07 बजे इसका समापन होगा।

सिद्धि योग : सिद्धि योग 29 मई, रात 9.01 बजे से शुरू होगा। वहीं, सिद्धि योग का समापन 30 मई रात 8.55 बजे होगा।

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शिवालयों में होगी विशेष पूजा

गंगा दशहरा पर साकची शिव मंदिर सहित मुख्य शिवालयों में विशेष पूजा होगी। शिवालय में गंगा जलाभिषेक के बाद अमृत मृत्युंजय का जाप करने के साथ स्वास्थ्य और लम्बी आयु की प्रार्थना करना चाहिए। पंडित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि गंगा दशहरा पर गंगा या पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। घी में चुपड़े हुए तिल और गुड़ को जल में डालें या पीपल के नीचे रख दें। इसके बाद मां गंगा का ध्यान करके उनकी पूजा करें। मन्त्रों का जाप करें।

पूजन सामग्री की संख्या 10 रखना शुभ

इस दिन पूजा में जो सामग्री प्रयोग करें, उनकी संख्या दस रखें। खास तौर पर दीपक की संख्या दस होनी चाहिए। पूजन के बाद दस ब्राह्मणों को दान भी करें। स्नान के बाद सूर्य देवता को जल अर्पित करें। इसके बाद मां गंगा के मन्त्रों का जाप करें। पूजन के बाद निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को दान करें।

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