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गणेश चतुर्थी 2018: जानें गणपति को क्यों पसंद है मोदक और क्यों लगाया जाता है इसका भोग

ganesh chaturthi 2018

गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतर्दर्शी तक यानी दस दिनों तक चलती है। इस साल गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को मनाई जाएगी। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी भगवान की पूजा बिना प्रसाद चढ़ाएं कभी पूरी नहीं होती। हर देवी-देवता को अलग-अलग प्रसाद पसंद होता है। जैसे गणपति जी को मोदक अति प्रिय है। लेकिन क्या आपको  पता है क्यों?

शास्त्रों में वर्णन हैं मोदक का अर्थ होता हैं मोद (आनन्द) देने वाला, जिससे आनंद मिलता है। इसका गहरा अर्थ यह है कि तन का आहार हो या मन के विचार वह सात्विक और शुद्ध होना जरुरी है, तभी आप जीवन का वास्तविक आनंद पा सकते हैं। मोदक ज्ञान का प्रतीक होता हैं, इसलिए यह ज्ञान के देवता भगवान गणेश को अतिप्रिय हैं। मोदक जिस प्रकार बाहर से कड़ा व भीतर से नरम और मिठास से भरा होता है। उसी प्रकार घर का मुखिया ऊपर से सख्ती से नियमों का पालन करवाएं एवं भीतर से नरम रहकर सभी का पालन पोषण करे तो उस घर में सुख व्याप्त होता है। 

वैसे ही जो जातक हजार मोदको से गणेशजी को भोग लगाता है वह जातक अपनी समस्त कामनाओं को पूर्ण करता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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  • Web Title:Ganesh Chaturthi 2018 why do ganesh ji like modak so much