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मनोकामनाएं पूर्ण करता है सावन के सोमवार का व्रत

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन सोमवार के व्रत का विशेष महत्व है। श्रावण के सबसे लोकप्रिय व्रतों में से 16 सोमवार का व्रत है। मान्यता है कि श्रावण माह में सोमवार का व्रत रखने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत के प्रभाव से बच्चों की बीमारी दूर होती है। दुर्घटना और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियों का अंत होता है।

इस व्रत में भगवान शिव एवं माता पार्वती का पूजन करें। विवाहित इस व्रत को करने से पहले ब्रह्मचर्य नियमों का ध्यान रखें। सुबह उठकर पानी में कुछ काले तिल डालकर स्नान करें। सोमवार का व्रत दिन के तीसरे पहर तक होता है। दिन-रात में एक समय ही भोजन करें। भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा के बाद सावन सोमवार व्रत की कथा करें। सूर्यदेव को हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें। भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है। विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दूध, दही, घी, शहद आदि कई सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के समय महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र का जाप कर सकते हैं। नमक रहित प्रसाद ग्रहण करें। दिन में शयन न करें। आरती के पश्चात भोग लगाएं और परिवार में बांटने के पश्चात स्वयं ग्रहण करें।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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  • Web Title:fast of Sawan