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17 अक्तूबर, 2020|10:22|IST

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एकादशी के दिन ये चीजें दान करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती

भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए एकादशी के व्रत का सर्वाधिक महत्व है। इस व्रत को करने से जीवन के सारे कष्ट समाप्त हो जाते हैं और उपवास करने वाला दिव्य फल प्राप्त करता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है, साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती  है। कहा तो यह भी गया है कि एकादशी के दिन किया गया दान हजारों वर्षों की तपस्या के समान पुण्यकारी होता है। अत: सभी भक्तों को एकादशी व्रत के नियमों को अवश्य अपनाना चाहिए और साथ ही यथाशक्ति दान करना चाहिए।

अभी अगली एकादशी 13 अक्तूबर  मंगलवार के दिन पड़ रही है, इसका प्रारंभ 12 अक्तूबर प्रात: 4:30 से है और  समाप्ति 13 अक्तूबर को दोपहर 2:35 तक है। पुरुषोत्तम मास की यह  एकादशी भी खास महत्व वाली है। इस दिन श्री भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत का पालन किया जाता है। स्नान के पश्चात सुबह विष्णु भगवान के सामने बैठकर हाथ में फल और जल लेकर संकल्प के साथ पूजन की शुरुआत होती है। 

व्रत में करें दान
एकादशी का व्रत-उपवास करने वालों को दशमी के दिन से ही मांस, लहसुन-प्याज, मसूर की दाल आदि वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन चावल भी नहीं खाना चाहिए। फलाहार में साबूदाना, केला, पिस्ता, कूटू आदि खा सकते हैं। पूजा के बाद यथाशक्ति दान करना चाहिए, किंतु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न आदि ग्रहण न करें।  इस दिन वृक्ष से पत्ते ना तोड़ें और उनको जल दें। ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें और सायंकाल में तुलसी के आगे घी का दीपक जलाएं। अन्नदान और गो दान से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती और कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है। चने और गुड़ का दान करने से व्यापार में वृद्धि और नौकरी में तरक्की मिलती है। कपूर का दान करने से घर में नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता का वास होता है।

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  • Web Title:Ekadashi 2020: Donating these things on the day of Ekadashi there is no shortage of money in the house