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Hindi News AstrologyEclipse 2024 In India 2nd Solar Eclipse of year 2024 surya grahan date time and sutak timing in India

5 माह बाद लगेगा साल का दूसरा सूर्यग्रहण, जानें सूतक काल टाइमिंग, भारत में दिखेगा या नहीं ?

Second Solar Eclipse of Year 2024 :साल का दूसरा सूर्यग्रहण अक्टूबर महीने में लग जा रहा है। यह ग्रहण अमेरिका,अर्जेन्टिना, मैक्सिको,न्यूजीलैंड समेत कई देशों में नजर आएगा। लेकिन भारत मं नहीं दिखाई देगा।

5 माह बाद लगेगा साल का दूसरा सूर्यग्रहण, जानें सूतक काल टाइमिंग, भारत में दिखेगा या नहीं ?
Arti Tripathiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 22 May 2024 07:03 AM
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Eclipse 2024 : ज्योतिष में सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण की घटना बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है। दृक पंचांग के अनुसार, साल 2024 में कुल 4 ग्रहण लगेंगे। जिसमें 2 सूर्यग्रहण और 2 चंद्रग्रहण शामिल हैं। इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण 8 अप्रैल 2024 लग चुका है। वहीं, पहला चंद्रग्रहण 25 मार्च 2024 को लग चुका है। बता दें कि जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो इस स्थिति में सूरज की रोशनी धरती पर नहीं पहुंच पाती है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वहीं, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में आ जाते हैं,तो इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है,लेकिन चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। साल 2024 का ग्रहण 5 माह बाद अक्टूबर में लगेगा। आइए जानते हैं साल के तीसरे ग्रहण की सही डेट और सूतक काल टाइमिंग....

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा?

साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण 2 अक्टूबर को लगेगा।  इस दिन रात 9 बजकर 13 मिनट पर सूर्यग्रहण लगेगा और मध्य रात्रि 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही साल के दूसरे सूर्यग्रहण के सूतक काल की शुरुआत 2 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर होगा।

कहां-कहां नजर आएगा यह ग्रहण ?

साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक महासागर, आइलैंड, ब्राजील, चिली, पेरू, अंटार्कटिका, अर्जेटिना, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, आर्कटिक, फिजी समेत कई देशों में नजर आएगा। हालांकि, साल तीसरा ग्रहण यानी सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा।

सूतक काल टाइमिंग :

शास्त्रों के अनुसार, सूर्यग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक काल की शुरू हो जाता है। इस दौरान धर्म-कर्म और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। इसलिए सूतक काल लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और इस दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता है।  हालांकि, भारत में साल का दूसरा सूर्यग्रहण नहीं दिखाई देगा। इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।