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हिंदी न्यूज़ धर्मDussehra 2021: राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि में, जानिए दशहरा के दिन ग्रहों की स्थिति और रावण दहन के शुभ मुहूर्त

Dussehra 2021: राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि में, जानिए दशहरा के दिन ग्रहों की स्थिति और रावण दहन के शुभ मुहूर्त

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSaumya Tiwari
Fri, 15 Oct 2021 11:52 AM
Dussehra 2021: राहु वृषभ और केतु वृश्चिक राशि में, जानिए दशहरा के दिन ग्रहों की स्थिति और रावण दहन के शुभ मुहूर्त

दशहरा या विजयदशमी आज यानी 15 अक्टूबर, शुक्रवार को है। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस त्योहार हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसके अलावा मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। तभी से इस त्योहार को मनाने की परंपरा चली आ रही है। जानिए आज दशहरा या विजयदशमी पर ग्रहों की स्थिति और रावण दहन के शुभ मुहूर्त-

ग्रहों की स्थिति-

ज्‍योतिषाचार्य पंडित नरेन्‍द्र उपाध्‍याय के अनुसार, चंद्रमा रात 9 बजकर 16 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा। राहु वृषभ राशि में हैं। सूर्य, बुध, मंगल कन्‍या राशि में हैं। शुक्र और केतु वृश्चिक राशि में हैं। गुरु, शनि और चंद्रमा मकर राशि में गोचर में चल रहे हैं। बुध, गुरु और शनि वक्री गति से चल रहे हैं। ग्रहों की स्थिति मध्‍यम बनी हुई है।

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रावण दहन के शुभ मुहूर्त-

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक। 
विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक।
अमृत काल- रात को 10 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक।

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दशहरे को लेकर ये कथा भी है प्रचलित-

एक कथा के अनुसार जब दुर्योधन ने पांडवों को बारह वर्ष तक वनवास और एक वर्ष तक अज्ञातवास दिया था, तो अज्ञातवास के समय अर्जुन अपने धनुष-वाण शमी के वृक्ष में छिपा कर विराट राजा के यहां नौकरी करने लगे थे। एक दिन विराट राजा का पुत्र उत्तर कुमार गायों की रक्षा के लिए कौरवों से लड़ने गया, तब शत्रुओं की प्रबल सेना देखकर उत्तर कुमार ने रणभूमि से भागने का उपक्रम किया, पर अर्जुन ने उसे रोककर अपने धनुष-वाण शमी के पेड़ से निकाले और शत्रुओं पर विजय प्राप्त की। इस प्रकार विजयादशमी प्राचीन काल से अधर्म पर धर्म की, पशुता पर मानवता की, राक्षसत्व पर देवत्व की विजय का दिन है।  

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