DA Image
18 अक्तूबर, 2020|8:14|IST

अगली स्टोरी

Dussehra 2020: दशहरा की तिथि होती है सर्वसिद्धिदायक, इस दिन बिना मुहूर्त भी किए जा सकते हैं ये शुभ कार्य

अश्विन मास की दशमी तिथि को पूरे देश में दशहरा या विजयादशमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दुर्गा पूजा की दशमी तिथि को मनाया जाने वाले दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। कहा जाता है कि दशहरा या विजयादशमी के दिन बिना शुभ मुहूर्त भी शुभ कार्यों को किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन किए गए नए कार्यों में सफलता हासिल होती हैं। विजयादशमी या दशहरा के दिन श्रीराम,  मां दुर्गा, श्री गणेश और हनुमान जी की अराधना करके परिवार के मंगल की कामना की जाती है। मान्यता है कि दशहरा के दिन रामायण पाठ, सुंदरकांड, श्रीराम रक्षा स्त्रोत करने से मन की मुरादें पूरी होती हैं। 

मांगलिक कार्यों के लिए यह दिन माना जाता है शुभ

दशहरा या विजयादशमी सर्वसिद्धिदायक तिथि मानी जाती है। इसलिए इस दिन सभी शुभ कार्य फलकारी माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दशहरा के दिन बच्चों का अक्षर लेखन, घर या दुकान का निर्माण, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन, कर्ण छेदन, यज्ञोपवीत संस्कार और भूमि पूजन आदि कार्य शुभ माने गए हैं। विजयादशमी के दिन विवाह संस्कार को निषेध माना गया है।

Chanakya Niti: इस तरह के लोग जिंदगीभर रहते हैं दुखी, एक के बाद एक आती रहती हैं समस्याएं

जानिए कब है दशहरा-

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दशहरा या विजयादशमी का त्योहार 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दशहरा हर साल दीपावली से ठीक 20 दिन पहले मनाया जाता है। हालांकि इस साल नवरात्रि 9 दिन के न होकर 8 दिन में ही समाप्त हो रहे हैं। दरअसल, इस साल अष्टमी और नवमी का एक ही दिन पड़ रही है। 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक ही अष्टमी है, उसके बाद नवमी लग जाएगी। जिसके चलते दशहरा 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

Chanakya Niti: इन चीजों में कभी ना करें संकोच, तरक्की के साथ धनवान बनने के भी खुल जाते हैं रास्ते

शुभ मुहूर्त-

दशमी तिथि प्रारंभ - 25 अक्टूबर को सुबह 07:41 मिनट से 
विजय मुहूर्त - दोपहर 01:55 मिनट से 02 बजकर 40 तक।
अपराह्न पूजा मुहूर्त - 01:11 मिनट से 03:24 मिनट तक।
दशमी तिथि समाप्त - 26 अक्टूबर को सुबह 08:59 मिनट तक रहेगी।

पौराणिक कथा-

पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। भगवान राम के रावण पर विजय प्राप्त करने के कारण ही इस दिन को विजयादशमी भी कहा जाता है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Dussehra 2020 When is Vijayadashami in India Date Subh Muhurat Significance auspicious timing