Mahashivratri 2021: महा शिवरात्रि पर यह काम अवश्य करें, भगवान शिव होंगे प्रसन्न

ज्‍योत‍िषाचार्य पं.श‍िवकुमार शर्मा, मेरठ
Follow us on Google News
share

फाल्गुन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। शास्त्रीय वचनानुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वैसे तो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि व्रत होता है। ऐसे...

Mahashivratri 2021: महा शिवरात्रि पर यह काम अवश्य करें, भगवान शिव होंगे प्रसन्न

फाल्गुन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। शास्त्रीय वचनानुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। वैसे तो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि व्रत होता है। ऐसे ही मान्यता है कि फाल्गुन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। कुछ मान्यताओं के अनुसार सृष्टि के आरंभ एवं सृष्टि  के अंत में भगवान शिव इसी तिथि को डमरु बजा कर सृष्टि का निर्माण करते हैं और तांडव कर सृष्टि का संहार करते हैं। भगवान शिव का शाब्दिक अर्थ है कल्याण करने वाला। भगवान शिव को आशुतोष भी कहते हैं इसका शाब्दिक अर्थ है शीघ्र प्रसन्न होने वाले। भगवान शिव सृष्टि के संहारक के रूप में ऐसे देवता हैं जो मात्र नाम स्मरण से प्रसन्न हो जाते हैं।
इस वर्ष महाशिवरात्रि 11 मार्च को है। यद्यपि इस दिन फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी है किंतु त्रयोदशी दोपहर 2:40 बजे तक है। निशीथव्यापिनी चतुर्दशी होने कारण चतुर्दशी का व्रत एवं पूजन 11 फरवरी को सर्वमान्य होगा। शिवरात्रि व्रत करते समय हमें कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए। प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर घर में अथवा मंदिर जाकर भगवान शिव के दर्शन करें। ओम् नमः शिवाय का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल एवं दूध से अभिषेक अवश्य करें। पूरे दिन सत्याचरण, संयमित व्यवहार और शुभ आचरण करें।

यह भी पढ़ें: Guru Pushya Yoga 2021: आज बन रहा गुरु पुष्य योग, इस शुभ योग में इन उपाय व मंत्रों के जाप से मिलती है सफलता

रात्रि को सामूहिक रूप से अथवा अपने घरों में भगवान शिव के गुणगान करें। रुद्राभिषेक, महा रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन एवं गीत आदि के साथ रात्रि जागरण का विधान है। अगले दिन व्रत का परायण किया जाता है। भगवान शिव का नाम आशुतोष भी है। आशुतोष का अर्थ है शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान शिव। भगवान शिव को प्रसन्न  करने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल ,जल, दुग्ध, दही, गन्ने का रस एवं शहद आदि का अभिषेक किया जाता है। बेलपत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं। तीन पत्ते वाले बेलपत्र को शिवलिंग पर ओम् नमः शिवाय के जाप करते हुए चढ़ाने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। भगवान शिव को मानवता का रक्षक भी बताया गया है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार समुद्र मंथन में सबसे पहले हलाहल विष निकला था। इससे संसार के सभी प्राणी व्याकुल होने लगे थे, किंतु भगवान शिव ने उसको पीकर मानवता की रक्षा की थी।
(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।) 

Praveen Dixit

लेखक के बारे में

Praveen Dixit

शॉर्ट बायो : प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव

प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


कॅरियर का सफर

प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।


उच्च शिक्षा और लक्ष्य

उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
इनोवेटिव और रिसर्च बेस्ड न्यूज स्टोरीज

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!