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बिना सलाह के न पहने किसी भी उंगली में अंगूठी, होता है बड़ा नुकसान

आप रत्न वाली अंगूठी को अपनी पसंद के अनुसार किसी भी उंगली में नहीं पहन सकते क्योंकि यह पहले से निर्धारित होता है कि कौन सी अंगूठी किस उंगली में पहननी चाहिए।

बिना सलाह के न पहने किसी भी उंगली में अंगूठी, होता है बड़ा नुकसान
Archana Pathakलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 07 Feb 2023 08:59 AM

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 वैदिक ज्योतिष के अनुसार नवरत्न से बनी अंगूठी को एक विशेष उंगली में धारण करने का महत्व होता है। रत्न जड़ी हुई अंगूठी आप किसी भी उंगली में धारण नहीं कर सकते क्योंकि यह पहले से निर्धारित होता है कि कौन सी अंगूठी, किस उंगली में पहननी है। अंगूठी को उसी के अनुसार धारण करने पर इसका लाभ मिलता है।

 अंगूठे के लिए- 

कई लोगों का मानना ​​है कि अंगूठे में कोई भी अंगूठी नहीं पहननी चाहिए।  लेकिन ऐसा असल में बिल्कुल भी सही नहीं है। असल में अंगूठा वह उंगली है जो आपकी इच्छा शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। जीवन में बदलाव लाने के लिए इस उंगली में अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। माणिक्य या गारनेट को अंगूठे में धारण करना चाहिए।

 तर्जनी के लिए-

 इस उंगली की अपनी शक्ति होती है।  तर्जनी नेतृत्व, अधिकार और शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। पुराने जमाने में राजा-महाराजा इस उंगली में अंगूठी पहना करते थे। इस उंगली का इस्तेमाल अक्सर चेतावनी या निर्देश देने के लिए किया जाता है। तर्जनी उंगली में नीला पुखराज, नीलम, ओपल और हीरा धारण करना चाहिए। इस उंगली के ठीक नीचे शुक्र पर्वत है। इसके अलावा केतु के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए इस उंगली में लहसुनिया धारण करना चाहिए।

 मिडिल फिंगर के लिए

 मध्यमा उंगली किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाती है। इस उंगली में रत्न धारण करने से जीवन में संतुलन बना रहता है। यह सही गलत के बीच अंतर करने में मदद करता है। इस उंगली में स्फटिक, नीलम और मूंगा धारण करना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की महादशा चल रही है तो शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में गोमेद रत्न धारण करना चाहिए। गोमेद रत्न शनि के प्रभाव को शांत करने में मदद करता है।

 रिंग फिंगर के लिए( अनामिका) 

बाएं हाथ की अनामिका सीधे हृदय से जुड़ी होती है। सगाई की अंगूठी इसी उंगली में पहनी जाती है। अनामिका उंगली शांति, आशावाद और प्यार का प्रतिनिधित्व करती है। इस उंगली में सोना, चांदी, हीरा, जेड, मूनस्टोन और माणिक्य की अंगूठी पहन सकते हैं।  

 छोटी उंगली के लिए-

हाथ की सबसे छोटी उंगली को कनिष्ठिका कहते हैं। यह उंगली रिश्तों को दर्शाती है। इस उंगली में धारण किए जाने वाले रत्न वैवाहिक और व्यावसायिक संबंधों को मधुर बनाने में सहायता प्रदान करते हैं। यदि किसी व्यक्ति पर चन्द्र की महादशा चल रही हो तो कनिष्ठिका उंगली में मोती धारण करना चाहिए। वहीं अगर बुध की महादशा में चल रही हो तो इस उंगली में पन्ना रत्न धारण करना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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