DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सक्सेस मंत्र: अपने अंदर अहंकार नहीं आने दें, विनम्र रहें और आगे बढ़े

success

एक स्वामी के शिष्य थे जब वह गुरुकुल में पूरी शिक्षा हासिल कर चुके तो उनके व्यवहार में अहंकार आ गया। वह हर किसी को अपने से कमतर देखने लगे। इस तरह उनके काफी मित्र भी दूर होते चले गए।

जब यह बात उनके स्वामी तक पहुंची, तो उन्हें लगा कि उनके शिष्य के साथी हास्य में कह रहे होंगे। लेकिन एक दिन स्वामी उनके सामने से गुजरे तो उनके शिष्य ने उन्हें भी अनदेखा कर दिया और उनका अभिवादन तक नहीं किया। स्वामी जी समझ गए कि शिष्य को अहंकार ने पूरी तरह जकड़ लिया है और इनका अहंकार तोड़ना आवश्यक हो गया है, नहीं तो भविष्य में इन्हें बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं। उन्होंने उसी समय शिष्य को अगले दिन अपने साथ दूर घूमने का आग्रह लिया।

अगली सुबह जब स्वामी और शिष्य वन में एक झरने के पास गए और पूछा, जरा बताओ तुम सामने क्या देख रहे हो? शिष्य ने जवाब दिया, गुरुजी, पानी जोरों से नीचे बह रहा है और गिरकर फिर दोगुने वेग से ऊंचा उठ रहा है।

स्वामी जी ने कहा, देखो शिष्य जीवन में अगर ऊंचा उठकर आसमान छूना चाहते हो तो थोड़ा इस पानी की तरह झुकना भी सीख लेना चाहिए। यदि आप झुकते हैं तो दुनिया को झुका सकते हैं।

जल्दी सफल होने का फंडा यह है कि अपनी काम करने की स्किल बढ़ाइए और विनम्र रहिए।

सोशल मीडिया से
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:do not let ego come in between your success
Astro Buddy