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Diwali : महालक्ष्मी व राजयोग में आज दीपावली, ज्योतिषाचार्य से जानें लक्ष्मी-गणेश पूजन शुभ मुहूर्त से लेकर सभी जानकारियां

हिंदू धर्म में दिवाली का बहुत अधिक महत्व होता है। दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। दिवाली के महापर्व का हर किसी को इंतजार रहता है। धनतेरस से भैय्या दूज तक दिवाली की धूम रहती है।

Diwali : महालक्ष्मी व राजयोग में आज दीपावली, ज्योतिषाचार्य से जानें लक्ष्मी-गणेश पूजन शुभ मुहूर्त से लेकर सभी जानकारियां
Yogesh Joshiसंवाददाता,लखनऊSun, 12 Nov 2023 07:42 PM
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इस बार दीपावली रविवार को मनाई जाएगी। दीपावली महालक्ष्मी पूजा का विशेष पर्व है। मान्यता है कि अर्द्धरात्रि में महालक्ष्मी विचरण करती हैं। दीपक जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होतीं और उस घर में निवास करती हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक दीपावली के दिन प्रातः काल स्नान करके भगवान विष्णु के निर्मित दीपक प्रज्जवलित करें। दीपावली के दिन दोपहर में पितरों के निर्मित यथाशक्ति दान दें और तर्पण करें। दीपावली के सांयकाल शुभ लग्न में गणेश, लक्ष्मी और कुबेर भगवान का पूजन करें। महानिशिथ काल में महाकाली का पूजन करना चाहिए। महाकाली पूजा से मनोकामनाओं की पूर्ति शत्रु और मुकदमे में विजय प्राप्त होती है।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि दीपावली पर दक्षिणावर्तीं शंख, श्री यंत्र, गोमती चक्र, काली हल्दी, लघु नारियल आदि को भी स्थापित करने से सुख सौभाग्य धन वृद्धि होती है। लक्ष्मी कुबेर मंत्र, लक्ष्मी श्रीसूक्त, कनकधारा स्त्रोत का पाठ धनदायक है। दीपावली पूजन शुभ संयोग अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दिन में 2:44 से शुरू होकर 13 नवंबर को दिन में 2:56 तक रहेगी।

ज्योतिषाचार्य पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि दीपावली पर लक्ष्मी पूजा अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। कई दशकों के बाद दीपावली पर एक साथ कई शुभ योग और राजयोग का बन रहे हैं। 12 नवंबर दीपावली अमावस्या तिथि को रविवार, स्वाति नक्षत्र आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी बनेगा। इन राजयोगों का निर्माण शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण बनेंगे। गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान सम्मान और लाभ देने वाला होता है। वहीं हर्ष योग धन में वृद्धि और यश दिलाता है।

एसएस नागपाल ने बताया कि चंद्रमा तुला राशि में सूर्य मंगल के साथ, शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में शश महापुरुष राजयोग और देवताओं के गुरु बृहस्पति मेष राशि में विराजमान और शुभ मंगलकारी योग बना रहे हैं। लक्ष्मी पूजा प्रदोष, वृषभ लग्न और सिंह लग्न और काली पूजा अमावस्या मध्य रात्रि में करना श्रेष्ठ है।

दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त प्रदोष काल, स्थिर लग्न वृषभ एवं सिंह लग्न श्रेष्ठ होता है। इस साल शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैः-

कुंभ लग्न- दिन 1:13 से 2:39 बजे तक (ऑफिस, व्यवसायिक प्रतिष्ठान)

प्रदोषकाल- सायंकाल 5:17 से 7:55 और वृषभ लग्न सायंकाल 5:28 से 7:24 बजे तक (घर में पूजन के लिए)

सिंह लग्न- रात्रि 11:57 से 2:13 बजे तक (साधना और सिद्धि)

महानिशिथ काल- रात्रिकाल 11:24 से 12:17 बजे तक (काली पूजन के लिए)

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