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Diwali Correct date 2023: दिवाली amavasya तिथि दो दिन, इस वजह से बदली है गोवर्धन पूजा और bhaidooj की Date

Amavasya Tithi on Diwali 2023: इस बार अमावस्या तिथि का मान दो दिन होने के कारण दिवाली के बाद के दो त्योहारों की तारीख को लेकर लोगों में कंफ्यूजन है, यहां हम दे रहे हैं सभी की सही तारीख

Diwali Correct date 2023: दिवाली amavasya तिथि दो दिन, इस वजह से बदली है गोवर्धन पूजा और bhaidooj की Date
Anuradha Pandeyसंवाददाता,नई दिल्लीSun, 12 Nov 2023 07:34 AM
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दीपावली एक दिन मनाई जाती है लेकिन यह पर्व पांच दिनों का होता है, धनत्रयोदशी से शुरू होकर यम द्वितीया तक। शास्त्रत्तें में इन पांच दिनों को यम पंचक कहा गया है। इस अवधि में यमराज, वैद्यराज धनवंतरि, लक्ष्मी-गणेश, हनुमान, काली और भगवान चित्रगुप्त की पूजा का विशेष विधान है। अमावस्या की तिथि का मान एक दिन अधिक होने के कारण इस वर्ष पंच दिवसीय दीपपर्व छह दिनों में पूरा होगा।

धनतेरस 10 नवंबर को दोपहर 12.35 से शुरू और 11 नवंबर को 1.57 पर समाप्त
नर्क चतुर्दशी 11 नवंबर को 1.57 पर शुरू और 12 नवंबर को 12.12 बजे तक दोपहर तक रहेगी।
दिवाली पर अमावस्या तिथि 12 नवंबर को 12.12 बजे दोपहर से लगेगी और अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 2.41 पर खत्म होगी। इसलिए 13 नवंबर को खाली दिन है।
गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि को होती है और यह 14 नवंबर को दोपहर 2.36 तक रहेगी।

इसके बाद 15 नवंबर को भाई दूज का पर्व उदया तिथि के अुनुसार द्वितीया तिथि पर 15 नवंबर को मनाया जाएगा।

पहला पर्व धनत्रयोदशी या धनतेरस
इसे धनतेरस भी कहते हैं। इस दिन का संबंध यमराज की आराधना से है। आयुर्वेद के प्रवर्तक धनवंतरि की जयंती भी इसी दिन होती है। एक तरफ वैद्य (चिकित्सक) समाज धनवंतरि पूजन कर सबके स्वास्थ्य की कामना करता है तो गृहस्थ यम दीप जलाकर यमराज से अकालमृत्यु टालने की प्रार्थना करते हैं। यम दीप जलाना इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण विधान है। महावीर पंचांग के संपादक पं. रामेश्वरनाथ ओझा के अनुसार सायंकाल यमराज के निमित्त दीप जला घर के बाहर रखें। प्रकारांतर से धनवंतरि पूजन व यम उपासना दोनों ही मनुष्य की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना का माध्यम है। इस दिन देवी लक्ष्मी की भी आराधना की परंपरा है। लोक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्वर्ण या रजत मुद्राएं अथवा बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। दीपावली की निशा पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा भी इसी दिन खरीदी जाती है।

धनतेरस का शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 10 नवंबर मध्याह्न 1235 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्ति 11 नवंबर मध्याह्न 01 57 बजे
खरीदारी का मुहूर्त सायं 0505 बजे से सयं 0641 बजे
धनतेरस पूजा सायं 05 47 बजे से सायं 0743 बजे तक

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