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Shubh Muhrat Diwali : इस बार दीपावली में बन रहे हैं आठ विशेष संयोग, नोट कर लें पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त

Diwali 2023 Date Puja Time Shubh Muhrat : भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद वापस अयोध्या लौटने की उसी खुशी को आज भी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है।

Shubh Muhrat Diwali : इस बार दीपावली में बन रहे हैं आठ विशेष संयोग, नोट कर लें पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त
Yogesh Joshiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 12 Nov 2023 07:43 PM
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Diwali 2023 Laxmi Ganesh Puja Shubh Muhrat : दिवाली के दिन मां लक्ष्मी से धन और भगवान श्रीगणेश से ज्ञान देने की विनती श्रद्धालु करेंगे। मुख्यत: शाम में देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए पूजा अत्यंत प्रसन्नता और भक्ति के साथ की जाती है। माना जाता है मां लक्ष्मी लोगों के जीवन में समृद्धि, धन और शांति भी लाती हैं। यह त्योहार बहुत खुशी तथा उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग एक साथ इकट्ठे होते हैं। बुराई पर अच्छाई और अंधेरे पर प्रकाश की जीत के प्रतीक के रूप में पूरे घर में तेल के दीपक जलाए जाते हैं। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान राम लंका में रावण का वध कर वापस अयोध्या लौटे थे। त्रेतायुग में इस दिन भगवान राम के लौटने पर अयोध्या में इतने दीये जलाए गए थे कि तारे भी शरमा जाएं। हर तरह दीप ही दीप थे। हर ओर राजा श्रीराम के लौटने का हर्षोल्लास था। हर कोई दीप जलाकर उनका स्वागत कर रहा था। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद वापस अयोध्या लौटने की उसी खुशी को आज भी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है।

दिवाली आठ शुभ योगों में मनाई जाएगी। इस तरह का शुभ योग कई दशकों के बाद बनने से इस बार दीपावली सभी के लिए सुख समृद्धि और मंगलमय रहेगी।

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इस समय रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त

इस दिन मुहूर्त में की गयी पूजा अनुष्ठान विशेष फलदाई होती है। इस दिन मिट्टी की प्रतिमा का पूजन करना आवश्यक होता है, वहीं पूजा के उपरांत विसर्जन भी अत्यंत आवश्यक रहता है। लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त प्रातः कालीन बेला में 09:17 से 12:03 तक, दोपहर 01:24 से 02:45 तक और सांय कालीन बेला अथवा प्रदोष में 04:06 से 07:06 तक उसके बाद 07:35 से रात्रि पर्यन्त यानि 24:07 मिनट तक रहेगा। पूजा के उपरांत मिट्टी की मूर्तियों को पवित्र नदी में प्रवाहित करें, जिससे मां लक्ष्मी की विशेष कृपा साल भर रहेगी।

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