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चतुष्ग्रही योग में दिवाली का पर्व, जानें खरीदारी और पूजन का शुभ मुहूर्त

पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत दो नवंबर मंगलवार को धनतेरस से होगी और छह को यम द्वितीया तक उत्सव रहेगा। चतुष्ग्रही योग में दिवाली का पर्व चार नवंबर गुरुवार को उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान लोग...

चतुष्ग्रही योग में दिवाली का पर्व, जानें खरीदारी और पूजन का शुभ मुहूर्त
Pankaj Vijayसंवाददाता,प्रयागराजFri, 29 Oct 2021 03:39 PM

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पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत दो नवंबर मंगलवार को धनतेरस से होगी और छह को यम द्वितीया तक उत्सव रहेगा। चतुष्ग्रही योग में दिवाली का पर्व चार नवंबर गुरुवार को उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान लोग कुबेर और लक्ष्मी का पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना करेंगे। ग्रहीय योग धनतेरस और ज्योति पर्व दिवाली को और मंगलकारी बना रहा है।

धनतेरस पर स्थिर लग्न में पूजन और खरीदारी शुभ
दीपोत्सव का शुभारंभ दो नवंबर मंगलवार से होगा। इस दिन धनतेरस और धन्वंतरि जयंती मनाई जाएगी। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार त्रयोदशी का मान मंगलवार सुबह 8:35 बजे से बुधवार सुबह 7:14 बजे तक रहेगा। इस दिन स्थिर लग्न में लक्ष्मी का पूजन और खरीदारी करना शुभफलदायक रहेगा।

खरीदारी व पूजन का शुभ मुहूर्त
सुबह नौ बजे से दोपहर 1:30 बजे तक।
शाम 7:30 से रात 9:30 बजे तक।
रात में 10:30 से 1:30 बजे तक।

स्थिर लग्न में पूजन मुहूर्त
कुंभ : दोपहर 1:26 से 2:57 बजे तक।
प्रदोष काल : शाम छह से 7:57 तक।
सिंह : 12:28 से 2:44 बजे तक।
शुभ चौघड़िया : रात 12:28 से 1:30 बजे तक।

दीपावली व लक्ष्मी पूजन का शुभ योग
दीपोत्सव का मुख्य पर्व दिवाली चार नवंबर गुरुवार को मनाई जाएगी। पूर्वांचली के अनुसार अमावस्या तिथि गुरुवार को सूर्योदय के पूर्व सुबह 5:31 बजे शुरू हो जाएगी जो गुरुवार को ही रात में 3:32 बजे तक रहेगी। इस दिन चतुष्ग्रही योग बन रहा है। इसमें प्रदोष काल, चित्रा नक्षत्र और स्वाति नक्षत्र रात तक व्याप्त रहेगी। रात 12:42 बजे तक प्रीति योग और आयुष्मान योग रहेगा।

नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली व हनुमान जयंती
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती तीन नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन यम के निमित्त चतुर्मुख दीपदान करने का विधान है।

अन्नकूट व गोवर्धन पूजा
दीपोत्सव के चौथे दिन पांच नवंबर यानी शुक्रवार को अन्नकूट और गोवर्धन पूजन पांच नवंबर को होगा। इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

यम द्वितीया (भैया दूज)
दीपोत्सव के अंतिम दिन छह नवंबर यानी शनिवार को यम द्वितीया (भैया दूज) का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन यमुना स्नान और दीपदान करना शुभ रहेगा।

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