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Diwali 2018: वंदनवार, कौड़ी समेत ये है दिवाली में लक्ष्मी पूजन के लिए जरूरी सामग्री

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दिवाली के पावन पर्व में लक्ष्मी गणेश का पूजन किया जाता है। शाम के समय लक्ष्मी पूजन के लिए विभिन्न पूजा सामग्री की जरूरत होगीष यहा हम ज्योतिष के अनुसार बता रहे हैं विशेष पूजन सामग्री के बारे में। युवा ज्योतिष व अंक नक्षत्रवेत्ता राजेश नायक बताते हैं कि दीपावली-पूजन में उपयोग की जाने वाली वस्तुएं भक्त को लक्ष्मी की स्थाई कृपा दिलवाती हैं।

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सामान्य पूजन सामग्री -
(दीपक, प्रसाद, कुमकुम, फल-फूल आदि) के अतिरिक्त ऐसी दस चीजें जो आपको लक्ष्मी की स्थाई कृपा दिलवाती हैं।

पान और चावल :- ये भी दीप पर्व के शुभ-मांगलिक चिह्न हैं। पान घर की शुद्धि करता है तथा चावल घर में कोई काला दाग नहीं लगने देता।

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वंदनवार :- आम या पीपल के नए कोमल पत्तों की माला को वंदनवार कहा जाता है। इसे दीपावली के दिन पूर्वी द्वार या मुख्य पर बांधा जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि समस्त देवी-देवता इन पत्तियों की सुगंध से आकर्षित होकर आपके घर में प्रवेश करते हैं। ऐसी मान्यता है कि दीपावली की वंदनवार पूरे 31 दिनों तक बांधी रखनी चाहिए।

स्वास्तिक :- किसी भी पूजन कर्म में स्वास्तिक का चिह्नï अवश्य बनाया जाता है। स्वास्तिक की चार भुजाएं उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चारों दिशाओं को दर्शाती हैं। इसके साथ ही ये चार भुजाएं ब्रह्मïचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास आश्रमों का प्रतीक भी मानी गई हैं। यह चिह्नï केसर, हल्दी, या सिंदूर से बनाया जाता है।

कौड़ी :- लक्ष्मी पूजन की सजी थाली में कौड़ी रखने की पुरानी परंपरा है, क्योंकि यह धन और श्री का पर्याय है। कौड़ी को तिजौरी में रखने से लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है।

लच्छा या धागा :- यह मांगलिक चिह्नï संगठन की शक्ति का प्रतीक है, जिसे पूजा के समय कलाई पर बांधा जाता है।

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तिलक :- पूजन के समय तिलक लगाया जाता है ताकि मस्तिष्क में बुद्धि, ज्ञान और शांति का प्रसार हो। कोई भी पूजन कर्म तिलक के बिना पूरा नहीं होता है।

बताशे या गुड़ :- ये भी दिवाली पर्व के मांगलिक चिह्न हैं। लक्ष्मी-पूजन के बाद गुड़- बताशे का दान करने से धन में वृद्धि होती है। घर-परिवार में सुख और समृद्धि का विस्तार होता है।

ईख या गन्ना :- लक्ष्मी के ऐरावत हाथी की प्रिय खाद्य-सामग्री ईख है। दीपावली के दिन पूजन में ईख शामिल करने से ऐरावत प्रसन्न रहते हैं और उनकी शक्ति व वाणी की मिठास हमारे घर में फैलती है।

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