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Dhanteras : धनतेरस पर खरीदारी के लिए दोपहर बाद शुरू होगा शुभ मुहूर्त, 13 गुना लाभ के लिए इस समय करें पूजा

Dhanteras Shubh Muhurat : धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी से 13 गुना धन की वृद्धि होती है। गोधूली बेला व स्थिर लगन में मां लक्ष्मी की पूजा से मां उस स्थान पर सदा के लिए विराजमान हो जाती हैं।

Dhanteras : धनतेरस पर खरीदारी के लिए दोपहर बाद शुरू होगा शुभ मुहूर्त, 13 गुना लाभ के लिए इस समय करें पूजा
Yogesh Joshiहिन्दुस्तान प्रतिनिधि,मुजफ्फरपुरWed, 08 Nov 2023 09:55 PM
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धनतेरस 10 नवम्बर शुक्रवार को है। इस दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:53 से शुरू होकर रात्रि तक है। आचार्य डॉ. चंदन उपाध्याय ने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस बार शुक्रवार को सुबह के 11:47 बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू हो रही है। धनतेरस का दिन कुबेर, माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि को समर्पित है। इस दिन इनकी पूजा से आरोग्य, धन, समृद्धि, वैभव व कृति की प्राप्ति होती है।

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उन्होंने बताया कि धनतेरस पर शुभ वस्तुओं की खरीदारी से 13 गुना धन की वृद्धि होती है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार गोधूली बेला व स्थिर लगन में मां लक्ष्मी की पूजा से मां उस स्थान पर सदा के लिए विराजमान हो जाती हैं। धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 5:30 से 7:27 तक है, जबकि खरीदारी दोपहर से देर रात तक कर सकेंगे।

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धनतेरस पूजन विधि

  • धनतेरस की शाम के समय उत्तर दिशा में कुबेर, धन्वंतरि भगवान और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा के समय घी का दीपक जलाएं। कुबेर को सफेद मिठाई और भगवान धन्वंतरि को पीली मिठाई चढ़ाएं। पूजा करते समय कुबेर मंत्र का जाप करना चाहिए। फिर धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करना चाहिए। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को भोग लगाएं और फूल चढ़ाना चाहिए। धनतरेस की शाम घर के बाहर मुख्य द्वार पर और आंगन में दीप जलाने की प्रथा भी है। शास्त्रों में वर्णित है की कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी की रात यम देवता का पूजन कर दक्षिण दिशा की ओर भेंट करता है उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इसलिए इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाकर रखा जाता है।

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