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Dhanteras Pujan Time: आज धनतेरस पर गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Dhanteras ke din kya kharidna chaiye: ज्योतिषाचार्य के अनुसार, धनतेरस के दिन भगवान गणेश- माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदना अत्यंत शुभ होता है। लेकिन मूर्ति खरीदते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-

Dhanteras Pujan Time: आज धनतेरस पर गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान
Saumya Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 10 Nov 2023 05:18 AM
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Dhanteras 2023 ke din kya karna chaiye: दिवाली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस त्योहार पर सबसे ज्यादा जरूरी मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की खरीदारी है। गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा खरीदते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।

ज्योतिषाचार्य पं. वेदमूर्ति शास्त्रत्ती के अनुसार लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाएं धनतेरस के दिन खरीदना शुभ है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी गणेशजी को घर में लाना विशेष फलदायी माना गया है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि लक्ष्मी-गणेश की एक साथ वाली प्रतिमा न खरीदें। मां लक्ष्मी और गणेशजी की अलग-अलग प्रतिमाएं ही खरीदनी चाहिए।

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त्रयोदशी कब से कब तक त्रयोदशी तिथि: 10 नवंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर प्रारंभ होगी और 11 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। 

प्रदोष काल - 05:29 पी एम से 08:07 पी एम
वृषभ काल - 05:46 पी एम से 07:42 पी एम

धनतेरस पूजन मुहूर्त: 10 नवंबर को 05:46 पी एम से 07:42 पी एम तक

ऐसी हो मां लक्ष्मी की प्रतिमा- यह भी ध्यान रखें कि लक्ष्मीजी की प्रतिमा में उनके हाथ से धनवर्षा हो रही है या नहीं। धनवर्षा करती प्रतिमा खरीदें। हाथ से सिक्के या धन गिरने वाली प्रतिमा को धनलक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। दिवाली पर उल्लू की जगह हाथी या कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी की प्रतिमा का पूजन नहीं करना चाहिए। वह मिट्टी से बनी हो। मिट्टी की प्रतिमा के साथ पीतल, अष्टधातु या चांदी की मूर्ति का भी पूजन कर सकते हैं। खंडित या टूटी हुई प्रतिमा पूजाघर में नहीं रखनी चाहिए।

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धनतेरस से जुड़ी पढ़ें ये पौराणिक कथा-

एक पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र मंथन से धन्वंतरि प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वंतरि कलश लेकर प्रकट हुए थे। कहते हैं कि तभी से धनतेरस मनाया जाने लगा। धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। माना जाता है कि इससे सौभाग्य, वैभव और स्वास्थ्य लाभ होता है। धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

महालक्ष्मी बीज मंत्र

ओम श्री श्री आये नम: यह माता महालक्ष्मी का बीज मंत्र है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन मंत्र के जाप से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

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