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28 जनवरी, 2020|10:15|IST

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class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंजिल से दूर कर देती है चकाचौंध

कौवों का एक जोड़ा कहीं से उड़ता हुआ आया और एक ऊंचे पेड़ पर घोसला बनाने में जुट गया। कौवों को घोसला बनाते देख कर एक चुहिया ने कहा- देखो भाई! इस पेड़ पर घोसला बनाना सुरक्षित नही है। कौए ने कहा- घोंसला बनाने के लिए इस ऊंचे पेड़ से ज्यादा सुरक्षित स्थान भला कौन-सा होगा?

चुहिया बोली, ऊंचा होते हुए भी यह पेड़ सुरक्षित नहीं है, तुम लोग मेरी बात को समझने का प्रयास करो। इससे आगे चुहिया कुछ बता पाती, उससे पहले ही कौए ने उसे डांट दिया और बोला कि हमारे काम में दखल मत दो, अपना काम करो। हम आसमान में उड़ते हैं। सारे जंगल को अच्छी तरह जानते हैं। तुम जमीन के अंदर रहने वाली चुहिया पेड़ों के बारे में हमें बताओगी?

शीघ्र ही कौवों ने एक घोंसला बना लिया और उसमें रहने लगे। कुछ दिनों बाद मादा ने उसमें अंडे दिए। अभी अंडों में से बच्चे निकले भी नहीं थे कि एक दिन अचानक तेज आंधी चली और देखते ही देखते वह पेड़ जड़ समेत उखड़ गया। कौवों का घोंसला गिर गया, अंडे गिर कर चकनाचूर हो गए। कौए का सुखी संसार पलभर में उजड़ गया था। वे रोने-पीटने लगे।

यह देख चुहिया को बड़ा दुख हुआ, वह कौवों के पास जाकर बोली- भाई तुम तो कहते थे कि पूरे जंगल को जानते हो लेकिन तुम इस पेड़ की मजबूती समझने में गलती कर गए।
दरअसल तुमने इस पेड़ को केवल बाहर से देखा था। पेड़ की ऊंचाई देखी थी जड़ों की गहराई और स्वास्थ्य नहीं देखा। मैंने पेड़ को अंदर से देखा था, पेड़ की जड़ें सड़ कर कमजोर हो रही थीं। यही बात मैं बता रही थी लेकिन तुमने सुनी ही नहीं। पेड़ की सही जांच जड़ से होती है, तनों से नहीं, यदि ऐसा करते तो तुम्हारा परिवार सुरक्षित रहता।

शिक्षा : हम चीजों को बाहर से बहुत चमकीला देखते हैं और काफी आकर्षित हो जाते हैं जबकि उसकी चकाचौंध कई बार उलटे रास्ते ले जाती है। सीधे रास्ते चलने में वक्त लग सकता है, कष्ट हो सकता है लेकिन यदि मंजिल तक पहुंच गए तो वह स्थायी और सुखद होगा।