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6 जून, 2020|8:12|IST

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कोरोना इफेक्ट: इतिहास में पहली बार दुर्गाअष्टमी पर बंद रहे सिद्धपीठ शाकुंभरी देवी के कपाट

siddhpeeth shakumbhari devi

इतिहास में पहली बार दुर्गा अष्टमी पर सिद्धपीठ मां शांकभरी देवी व माता श्री बाला सुंदरी मंदिर में कपाट बंद रहे। लॉकडाउन के चलते श्रद्धालुओं ने घरों में कन्याओं को जिमाकर मां की अराधना की। मंदिर के पुजारियों ने महज सूक्ष्म आरती कर मां को प्रसाद चढ़ाया। 

बुधवार को श्रद्धालुओं के आठवें स्वरूप मां गौरी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की। घर-घर में कन्याओं का पूजन कर उन्हें दक्षिणा भेंट की गई। कोरोना के खौफ के चलते इस बार कन्याएं घरों से बाहर कम निकलीं। हरि मंदिर के पुजारी पंडित तिलक पराशर ने कहा कि लॉकडाउन के चलते श्रद्धालुओं ने घरों में ही अष्टमी पूजन संपन्न किया। मंदिरों में महज सूक्ष्म आरती कर मां को भोग लगाया गया। 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते खौफ को देखते हुए सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर के कपाट अनिश्चितकालीन के लिए बंद करा दिए गए थे।  मंदिर व्यवस्थापक राणा परिवार ने सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं से अपील करते हुये कहा था कि जब तक देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है, तब तक वहअपने घरों में ही रहकर माता की आराधना करें।

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  • Web Title:Corona Effect: For the first time in history the doors of Siddhpeeth Shakumbhari Devi were closed on Durga Ashtami