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chhath puja 2018: छठ महापर्व- सिद्धि योग में नहाय खाय और अमृतयोग में सायंकालीन अर्घ्य

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लोकआस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाए से रविवार 11 नवंबर को शुरू होगा। सोमवार 12 को लोहंडा-खरना और मंगलवार 13 नवंबर की शाम भगवान भास्कर को पहला सायंकालीन अर्घ्य और बुधवार 14 नवंबर की सुबह प्रात:कालीन अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। गंगा घाटों व पवित्र नदियों में लाखों की तादाद में व्रती अर्घ्य देंगे। इस व्रत में 36 घंटे तक व्रती निर्जला रहते हैं। बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश में छठ पर्व पूरी आस्था व भक्ति के साथ मनायी जाती है। ज्योतिषाचार्य प्रियेंदू प्रियदर्शी के अनुसार इस बार छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान में ग्रह-गोचरों का शुभ संयोगों बन रहा है।

chhath puja, 2018: महापर्व छठ 11 नवंबर से, पढ़ें कब है नहाय-खाए, खरना, सायंकालीन अर्घ्य, प्रात:कालीन अर्घ्य

रविवार को नहाय-खाए पर सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। वहीं मंगलवार 13 नवंबर को सायंकालीन अर्घ्य पर अमृत योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग है जबकि प्रात:कालीन अर्घ्य पर बुधवार की सुबह छत्र योग का संयोग बन रहा है। सूर्य को अर्घ्य से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं ज्योतिषाचार्य डा.राजनाथ झा ने शास्त्रों के हवाले से बताया कि सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति के इस जन्म के साथ किसी भी जन्म में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। 

पीतल व ताम्बे के पात्रों से अर्घ्य प्रदान करना चाहिए

चांदी,स्टील,शीशा व प्लास्टिक के पात्रों से भी अर्घ्य नहीं देना चाहिए। 

पीतल के पात्र से दूध का अर्घ्य देना चाहिए। 

ताम्बे के पात्र में दूध से अर्घ्य नहीं देना चाहिए। 

ज्योतिषी इंजीनियर प्रशांत के अनुसार छठ महापर्व खासकर शरीर ,मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है। वैदिक मान्यता है कि नहाए-खाए से सप्तमी के पारण तक उन भक्तों पर षष्ठी माता की कृपा बरसती है जो श्रद्धापूर्वक व्रत करते हैं। 

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  • Web Title:chhath puja 2018: Chhath Maha Parva nahaay Khay in Siddhi Yoga and Evening arghya in Amrit Yojana
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