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यहां स्थापित है चतुर्मुखी शिवलिंग

प्रवीण आचार्य,राजस्थानPublished By: Saumya Tiwari
Tue, 21 Sep 2021 11:26 AM
यहां स्थापित है चतुर्मुखी शिवलिंग

राजस्थान के उदयपुर में श्री एकलिंगजी महादेव का मंदिर यहां के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में स्थापित चतुर्मुखी शिवलिंग के चार मुख चार देवों के प्रतीक हैं।

उदयपुर से कुछ दूरी पर कैलाशपुरी नाम के स्थान पर स्थित है एकलिंगजी महादेव का मंदिर। यह मंदिर उदयपुर तथा मेवाड़ के विख्यात और विशाल मंदिरों में से एक है। इस प्राचीन मंदिर में भगवान शिव चतुर्मुखी शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। माना जाता है कि भगवान शिव ही श्री एकलिंगजी महादेव के रूप में मेवाड़ के महाराणाओं और राजपूतों के कुल देवता हैं। यहां के शासक श्रीएकलिंगजी के प्रतिनिधि के रूप में शासन करते थे, इसीलिए उन्हें दीवानजी का संबोधन दिया जाता था।

एकलिंगजी मंदिर का माहात्म्य पंद्रहवीं शताब्दी के ग्रंथ एकलिंग माहात्म्य में दर्ज है। इसके अनुसार, मूल मंदिर का निर्माण मेवाड़ के शासक बप्पा रावल ने 734 ईस्वी में कराया था। इस मंदिर को कई बार आक्रमणकारियों का सामना करना पड़ा। इतिहासकारों के अनुसार, चौदहवीं शताब्दी के आक्रमण के बाद पहली मूर्ति राजा हमीर सिंह ने स्थापित की। राणा कुंभा ने पंद्रहवीं शताब्दी में इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया और उसमें विष्णु जी का मंदिर भी बनवाया। वर्तमान मूर्ति की प्रतिष्ठा राणा कुंभा के पुत्र राणा रायमल ने की थी।

इस मंदिर में कुल 108 मंदिर हैं। लगभग 50 फुट के विशाल एकलिंगजी के चार मुखों के चार अलग-अलग रूप हैं- पूर्व दिशा का चेहरा सूर्य देव का प्रतीक है, पश्चिम दिशा का मुख ब्रह्मा जी, उत्तर दिशा का विष्णु भगवान और दक्षिण का मुख स्वयं भगवान रुद्र का है। इस मंदिर का स्थापत्य भव्य है। इसकी त्रिकोणीय छत पर नक्काशी देखते ही बनती है। मंदिर के प्रवेश पर चांदी के नंदी बने हैं। इसके अलावा भी मंदिर में पीतल और काले पत्थर की बनी दो अन्य नंदी प्रतिमाएं है। चतुर्मुखी शिवलिंग के आसपास ही माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी की मूर्तियां भी हैं। यहां मंदिर तीन पालियों में खुलता है और श्रद्धालु कभी भी एकलिंगजी महाराज के दर्शन कर सकते हैं।

कैसे पहुंचें
यह मंदिर उदयपुर से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उदयपुर देश के सभी प्रमुख शहरों से वायुमार्ग, रेलमार्ग और सड़क मार्ग से जुड़ा है। यहां पहुंचने पर आप कैब भी ले सकते हैं।

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