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Chandra grahan 2019: देखें चंद्र ग्रहण की तस्वीरें

Chandra Grahan 2018

16 और 17 जुलाई की रात साल का आखिरी चंद्र ग्रहण दिखाई दिया।  ज्योतिष गणनाओं के अनुसार सूर्यग्रहण के बाद इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण आज लगा. यह चंद्रग्रहण कई मायनों में खास रहा है। पूरे 149 सालों बाद चंद्र ग्रहण के समय दुर्लभ योग बना। जो कि 12 जुलाई 1870 को बना था। आज रात करीब 1 बजकर 31 मिनट से ग्रहण शुरु हुआ था। जो कि सुबह 4 बजकर 30 मिनट में खत्म हुआ। इस बार खंडग्रास चंद्र ग्रहण यानि कि आंशिक चंद्र ग्रहण था।

chandra grahan 2019: 149 साल बाद बन रहा है यह दुर्लभ संयोग


प्रचलित हैं ये नियम
ग्रहण के दौरान अन्न, जल आदि ग्रहण नहीं करना चाहिए। .

'ग्रहण के दौरान स्नान नहीं करना चाहिए। उससे पूर्व या बाद में करें। .

ग्रहण के दौरान खुली आंखों से चंद्रमा न देखें। इससे आंखों पर बुरा असर पड़ता है। 

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ग्रहण के दौरान मंत्रों का उच्चारण करते रहना चाहिए

गुरु के मंत्र, गायत्री मंत्र, मृत्युंजय मंत्र, नम: शिवाय आदि।.

क्यों माना जाता है सूतक.

ज्योतिषाचार्य अरविंद मिश्रा ने बताया कि सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण दोनों से कुछ घंटे पहले का समय ऐसा होता है, जब प्रकृति संवेदनशील हो जाती है। तब कुछ नकारात्मक स्थितियां पैदा हो जाती हैं। इससे अनहोनी की आशंका बढ़ जाती है। इस समय को सूतक काल कहा जाता है। सूर्यग्रहण से 12 घंटे तो चंद्रग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। 

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गर्भवती रखें ध्यान 
सूतक लगने पर घरों से न निकलें।
सिलाई कढ़ाई का काम न करें। 
धारदार वस्तु कैंची, चाकू, ब्लेड आदि का प्रयोग न करें। इससे बच्चों के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।
गर्भवती महिलाएं अपने पास नारियल रखें। इससे ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव खत्म होता है।
भूख लगने पर वही खाएं, जिसमें सूतक से पहले तुलसीदल डाला हो।
सूतक के समय पूजा-पाठ न करें। मानसिक ध्यान कर सकते हैं।
भोजन न पकाएं, ग्रहण के कारण भोजन अशुद्ध हो सकता है।
सूतक लगने से पहले ही अन्न, खाने की वस्तुओं और जल में तुलसीदल, कुशा डालनी चाहिए। खासतौर पर दूध व अन्य डेयरी प्रोडक्ट में।
झूठ, फरेब और बुरे विचार दिमाग में न आने दें। माना जाता है कि इस समय में किए गए अपराधों के पाप कई गुना ज्यादा हो जाते हैं। .

बरतें सावधानियां 

घर में यदि कोई लंबे समय से बीमार है तो ग्रहण के बाद घी और खीर से हवन करने पर लाभ मिलेगा। 
चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो ‘ऊं चंद्राय नम:' मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा।
ग्रहण के दौरान प्राणायाम और व्यायाम करना चाहिए। सोच को सकारात्मक रखना चाहिए।
ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें।
स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को स्नान कराने के बाद पूजा करें।
जरूरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को अनाज दान करने से लाभ होगा। .

13 घंटे तक बंद रहेंगे शहर के सभी मंदिरों के पट.

ज्योतिषाचार्य आसिमा ने बताया कि सभी मंदिरों के पट शाम 4:00 बजे बंद हो जाएंगे। यह दूसरे दिन सुबह 5:00 बजे खुलेंगे। करीब 13 घंटे मंदिरों के पट बंद रहेंगे। कैलाश मंदिर के महंत महेश गिरि ने बताया कि पट बंद होने के बाद शाम को मंदिर परिसर में भजन कीर्तन होगा। मंदिर में घी का दीपक जलाकर बाबा के दरबार के बाहर रख दिया जाएगा और उसको मिट्टी के एक ढकने से ढक दिया जाएगा।

 

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  • Web Title:chandra grahan date and time know why is sutak kaal is important on lunar eclipse
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