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8 फरवरी, 2021|10:50|IST

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Chanakya Niti: ऐसे बेटे का मर जाना ही अच्छा है, जानिए क्या कहती है आज की चाणक्य नीति

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई पहलुओं को बड़ी सरलता से बताया है। चाणक्य ने धन, तरक्की, बिजनेस, नौकरी, पारिवारिक और वैवाहिक समेत जीवन के कई अहम पहलु से जुड़ी समस्याओं का हल बताया है। चाणक्य ने एक श्लोक के जरिए पुत्र संबंधी नीति बताई है। चाणक्य ने इस श्लोक में अच्छे पुत्र के सद्गुणों के बारे में बताया है।

1. चाणक्य कहते हैं कि सद्गुणों में सबसे खास शिक्षा है। इस श्लोक में उन्होंने उस दौर में भी शिक्षा के महत्व को समझाया है। नीति शास्त्र के अनुसार, सैकड़ों बुद्धिमान पुत्रों से एक योग्य और बुद्धिवान संतान अच्छी है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसी संतान माता-पिता को सुख देती हैं। माता-पिता के दुख को ऐसे पुत्र अपना दुख समझते हैं।

2. चाणक्य कहते हैं कि अगर पुत्र बुरी आदत वाला हो या फिर बुद्धिहीन हो तो ऐसे पुत्र का मर जाना ही बेहतर है। नीति शास्त्र के अनुसार, ऐसे पुत्र की मृत्यु पर माता-पिता को कुछ समय के लिए दुख होगा लेकिन अगर पुत्र लंबे समय तक के लिए जीवित रहा तो वह हमेशा दुख देगा।

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3. चाणक्य कहते है कि ऐसी गाय किसी काम की नहीं होती जो दूध नहीं देती या फिर बछड़े को जन्म नहीं दे सकती। चाणक्य का कहना है कि इसी तरह से उस पुत्र या संतान का कोई लाभ नहीं है जो विद्वान न हो और जो माता-पिता की भक्ति न करता हो।

4.  चाणक्य कहते हैं कि माता-पिता के लिए मूर्ख संतान दुश्मन के समान होती है. अगर संतान बेवकूफ हो तो माता-पिता के लिए जीवन कष्टदायी हो जाता है। इसलिए पुत्र को बुद्धिवान और समझदार होना जरूरी है।

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