चाणक्य नीति: ये एक चीज होती है जीवन का सबसे बड़ा डर, अंदर ही अंदर घुटता रहता है इंसान

लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में जीवन को जीने का तरीका और जीवन से जुड़े कई पहलुओं की समस्याओं का हल बताया है। नीति शास्त्र में तरक्की, धन, बिजनेस, नौकरी, विवाह, संतान, दोस्ती और दुश्मनी...

चाणक्य नीति: ये एक चीज होती है जीवन का सबसे बड़ा डर, अंदर ही अंदर घुटता रहता है इंसान

आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में जीवन को जीने का तरीका और जीवन से जुड़े कई पहलुओं की समस्याओं का हल बताया है। नीति शास्त्र में तरक्की, धन, बिजनेस, नौकरी, विवाह, संतान, दोस्ती और दुश्मनी आदि के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। लोगों के जीवन को बचाने के लिए चाणक्य ने नीति शास्त्र में ऐसी कई बातों का जिक्र किया है, जो आज भी प्रासंगिक हैं। एक श्लोक में चाणक्य ने बताया है कि आखिर मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा भय क्या होता है? पढ़ें आज की चाणक्य नीति-

चाणक्य कहते हैं कि सभी प्रकार के भय से बदनामी का भय बड़ा होता है। वर्तमान समय में हर कोई मान-सम्मान के साथ जीना चाहता है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को अगर जीवन में किसी चीज का डर लगता है तो वह बदनामी का होता है। व्यक्ति को बेहद मुश्किल से समाज में मान-सम्मान मिलता है। जिसके दम पर वह शान से जीता है। लेकिन जब व्यक्ति को बदनामी का भय सताने लगता है तो उसका सुख-चैन सब छिन जाता है।

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बदनामी ऐसा भय है जो व्यक्ति के सिर पर हावी पर हो जाता है। अपनों के साथ समाज से भी दूरी बनवा देता है। ऐसा व्यक्ति मानसिक दवाब में जीता है और किसी के साथ जल्दी घुल-मिल नहीं पाता है। बदनामी के डर से वह खुद को कैद तक कर सकता है। 

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इसलिए जीवन में जब भी अंतरआत्मा सचेत करे तो एक बार ठहर कर विचार जरूर करें कि क्या कुछ गलत होने जा रहा है या कुछ गलत कर रहा हूं। व्यक्ति का एक गलत फैसला उसे बदनामी के रास्ते पर ले जाता है। इसलिए फैसला हमेशा सोच-समझकर ही लेना चाहिए।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान

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