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पंचांग-पुराणChaitra Navratri 2021: नवरात्रि के दिनों में दुर्गा देवी की पूजा में इन बातों को न करें इग्नोर

ज्योतिषी सरिता गुप्ता,नई दिल्लीPublished By: Anuradha Pandey
Tue, 13 Apr 2021 12:43 PM
Chaitra Navratri 2021: नवरात्रि के दिनों में दुर्गा देवी की पूजा में इन बातों को न करें इग्नोर

चैत्र मास को हिंदू नव वर्ष का प्रथम मास माना जाता है। इस वर्ष चैत्र मास की शुरुआत 13 अप्रैल मंगलवार से हो रही है। इसी दिन से देवी उपासना की चैत्र नवरात्रि भी आरंभ हो रही हैं, जिसकी  नवमी तिथि 21 अप्रैल को पड़ेगी और नवरात्रि का पारण 22 अप्रैल यानी दशमी तिथि को किया जाएगा। नवरात्रि का सिर्फ धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक रूप से भी काफी महत्व है।

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इस दौरान देवी उपासना से मन की शुद्धि तो होती ही है, साथ ही जब ऋतु परिवर्तन होता है तो गलत खानपान से बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में नवरात्रि के व्रत के नियम-संयम खानपान को संतुलित करते हैं। इस तरह हमारे शरीर में जीवनी शक्ति का भी संचार ज्यादा होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नव स्वरूपों- शैलपुत्री माता, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, माता कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है और नवरात्रि में मां दुर्गा के नव स्वरूपों की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है।  सुख-समृद्धि व शांति का वास होता है। लेकिन देवी मां की उपासना में कुछेक नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपको उनकी अनुकम्पा भरपूर मिले। नवरात्रि के नौ दिनों में प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन का प्रयोग ना करें। इससे शारीरिक शुद्धि भी मिलेगी। साथ ही मानसिक शुद्धि के लिए नकारात्मकता, जैसे कि किसी की बुराई चुगली आदि से दूर रहें। 

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पूजा करते समय यह ध्यान रखें कि घटस्थापना ईशान कोण में करने के बाद अखंड दिया जलाएं। सुबह 12 बजे से पहले पूजा करें। मां दुर्गा को पूजा में कभी भी टूटे हुए फूल या धरती पर गिरे हुए फूल ना चढ़ाएं। उन्हें लाल रंग प्रिय है, तो पूजा में लाल फूल अर्पित करें। देवी पूजा में  दुर्गा सप्तशती के पाठ का बड़ा ही महत्व है। उसके पाठ करने से सब क्लेश और चिंता दूर होती है और मां के आशीर्वाद से सभी काम बनते हैं। यदि संभव हो तो नवदुर्गे के हर दिन छोटी कन्याओं को सात्विक भोजन कराएं। मां दुर्गा के आशीर्वाद से सभी कार्य संपन्न होंगे और भक्तों के कष्ट मां हर लेंगी, साथ ही उनकी कृपा से आपको धन-धान्य सुख समृद्धि का वरदान प्राप्त होगा।

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