चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन सूर्य का राशि परिवर्तन किसे पहुंचाएगा लाभ, जानिए नवरात्रि के पहले दिन बनने वाले ग्रह-नक्षत्रों व शुभ योग के बारे में
चैत्र नवरात्रि 2021 को शुरू होने में अब कुछ दिन ही बाकी हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार को है। इस दिन ही मां दुर्गा की नौ दिनों की उपासना...

चैत्र नवरात्रि 2021 को शुरू होने में अब कुछ दिन ही बाकी हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार को है। इस दिन ही मां दुर्गा की नौ दिनों की उपासना के लिए घटस्थापना की जाएगी। इस साल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन शुभ योग में पूजा-अर्चना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि किया जाता है। इसके बाद शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है। ऐसे में जानिए चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सूर्य व चंद्रमा के समय के साथ ग्रह-नक्षत्रों व पूजा का शुभ मुहूर्त।
सूर्योदय का समय- सुबह 05 बजकर 47 मिनट।
सूर्यास्त का समय- शाम 6 बजकर 31 मिनट पर।
चंद्रोदय का समय- सुबह 06 बजकर 33 मिनट पर।
चंद्रास्त का समय- शाम 07 बजकर 40 मिनट पर।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन का शुभ पंचांग-
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी घटस्थापना के दिन विष्कंभ योग का निर्माण हो रहा है। यह दोपहर 03 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके बाद प्रीति योग लग जाएगा। इस दिन दोपहर 02 बजकर 20 मिनट तक तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र लग जाएगा।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राशि व नक्षत्र-
इस दिन चंद्रमा मेष राशि व सूर्य मीन राशि में 14 अप्रैल की सुबह 02 बजकर 48 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर होगा। सूर्य नक्षत्र रेवती होगा, जो कि 14 अप्रैल की सुबह 02 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र लग जाएगा।
घटस्थापना के ये बन रहे शुभ मुहूर्त-
दिन- मंगलवार
तिथि- 13 अप्रैल 2021
शुभ मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक।
अवधि- 04 घंटे 15 मिनट
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक।
नवरात्रि के पड़ रहे ये व्रत-त्योहार-
1. युगादी
2. गुड़ी पड़वा
3. झूलेलाल जयंती
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


